इलाहाबाद। आखिर सात साल के लंबे इंतजार के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने मंगलवार को एपीएस (सहायक निजी सचिव) परीक्षा-2010 का परिणाम जारी कर दिया।
आयोग में जिन परीक्षाओं के परिणाम लंबित हैं, उनमें यह सबसे पुराना था। इस परीक्षा में 239 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। इसके साथ ही आयोग ने प्रवक्ता हिंदी के 76 पदों का परिणाम भी घोषित कर दिया है।
सालों से अटका था रिजल्ट, अभ्यर्थियों ने किया था प्रदर्शन
सपा सरकार के कार्यकाल में आयोग की ओर से कराई गई तमाम परीक्षाओं के परिणाम महीनों, वर्षों तक अटके रहे। इनमें से कई परिणाम आयोग ने पिछले एक माह में जारी किए हैं। हालांकि सबसे पुरानी परीक्षा एपीएस-2010 परीक्षा का परिणाम अटका हुआ था।
तीन हफ्ते पहले इस परिणाम को जारी किए जाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में प्रदर्शन भी किया था, जिसके बाद आयोग की ओर से आश्वस्त किया गया था कि सितंबर के अंतिम सप्ताह में परिणाम हर हाल में जारी कर दिया जाएगा।
प्रवक्ता हिंदी शिक्षा विभाग का भी परिणाम जारी
इसके लिए आयोग में 28 सितंबर को बैठक बुलाई गई थी लेकिन पर्याप्त संख्या में सदस्यों की उपस्थिति न हो पाने के कारण कोरम पूरा नहीं हो सका और बैठक तीन अक्तूबर तक के लिए टाल दी गई। मंगलवार को आयोग में हुई बैठक के बाद एपीएस परीक्षा-2010 का परिणाम जारी कर दिया गया।
एपीएस परीक्षा में पीडब्ल्यूडी कॉलोनी राजेंद्र नगर, लखनऊ की अनुरक्ति सिंह ने टॉप किया है जबकि गर्वनमेंट कॉलोनी सेक्टर-1 अलीगंज, लखनऊ की प्रिंसी जैन सिंह ने परीक्षा में दूसरा और प्रतापगढ़ के भालोपुर गांव के रहने वाले सर्वेश कुमार यादव ने तीसरा स्थान हासिल किया है।
परीक्षा में 240 सामान्य चयन के सापेक्ष 239 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए। एक पद का परिणाम उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में रोका गया है। इसके अलावा आयोग ने प्रवक्ता हिंदी शिक्षा विभाग (राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद) के 76 पदों का परिणाम भी घोषित कर दिया गया है।