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अब राज्य तय करेंगे तकनीकी शिक्षण संस्थान चाहिए या नहीं

Wed, 04 Oct 2017 11:49 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/नई दिल्ली
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टेक्निकल एजुकेशन
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नई दिल्ली।  किसी भी प्रदेश में तकनीकी शिक्षण संस्थान खोलने की जरूरत है या नहीं, अब उक्त राज्य की सरकार तय करेगी। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने देशभर के राज्यों को पत्र लिखकर पूछा है कि शैक्षणिक सत्र 2018-19 में इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट व फार्मेसी का संस्थान या सीट चाहिए या नहीं ?
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राज्यों को अक्तूबर के आखिर तक एआईसीटीई को इसकी जानकारी हां या नहीं में देनी जरूरी है। खास बात यह है कि एआईसीटीई के इस सवाल पर हरियाणा ने कोई भी नया शिक्षण संस्थान खोलने से मना कर दिया है।  
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एआईसीटीई के चेयरमैन प्रो. अनिल डी सहस्रबुद्धे के मुताबिक, सीट न भरने और कोर्स की पसंद न होने केचलते सौ से अधिक तकनीकी शिक्षण संस्थानों ने अपना कॉलेज बंद करने की एआईसीटीई को मांग रखी थी। इसी के चलते अब राज्य सरकारों से पूछा है कि वे अगले सत्र के लिए नया तकनीकी कैंपस खोलना चाहते हैं या नहीं?

इसके अलावा किसी कैंपस को बंद तो नहीं करना है। राज्य सरकारों से मिली जानकारी के आधार पर नवंबर में एआईसीटीई एक हैंडबुक तैयार करेगा, जिसमें देशभर के सभी तकनीकी शिक्षण संस्थानों के बारे में जानकारी होगी। इसमें यह भी चिह्ति किया जाएगा कि किस राज्य में कितने तकनीकी शिक्षण संस्थान है।

इसमें नए और पुराने के बारे में भी जानकारी दी होगी। इसमें यह भी लिखा होगा कि उक्त राज्य सरकार ने नया संस्थान खोलने से मना किया है और पुराना बंद करने का। ताकि छात्रों के बीच किसी प्रकार का भ्रम न रहे। इस प्रक्रिया के बाद किसी भी राज्य को नया संस्थान खोलने की अनुमति नहीं मिलेगी और न ही बंद करने की। इससे साफ होगा कि कितनी सीटों पर दाखिला दिया जाएगा।  
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