गेम, पजल और एक्टिविटी से सीखेंगे
पाठ्यक्रम को रोचक और आसान बनाया गया है। इसमें गेम, पजल और एक्टिविटी से सीखाया जाएगा। बड़े सवालों को छोटे हिस्सों में हल करना, ग्रुप डिस्कशन और टीमवर्क पर फोकस है। जबकि परीक्षा में भी बदलाव होगा, जिसमें अब सिर्फ रटने पर नहीं, बल्कि समझ और कौशल पर ध्यान दिया जाएगा। सीटी आधारित सवाल और प्रैक्टिकल गतिविधियां होगी, जिसे शिक्षकों द्वारा लगातार मूल्यांकन होगा। बच्चों की रचनात्मक सोच और समझ को प्राथमिकता रहेगी।
कंप्यूटिंग में भारत के नेतृत्व को मिलेगी वैश्विक मान्यता
प्रौद्योगिकी आधारित कंप्यूटिंग में भारत के नेतृत्व को वैश्विक मान्यता मिलने के साथ, यह पाठ्यक्रम छात्रों को डिजिटल भविष्य से सार्थक रूप से जुड़ने और उसे आकार देने में सक्षम बनाएगा। सीटी कौशल के माध्यम से विकसित एआई तत्परता से छात्रों में तार्किक सोच, समस्या समाधान, पैटर्न पहचान आदि जैसी गणनात्मक सोच क्षमताओं का विकास करेगा।
इससे वे प्रतिदिन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका और उपयोग को समझ सकेंगे। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य नवाचार, आलोचनात्मक सोच और नैतिक निर्णय लेने की क्षमताओं को बढ़ावा देने के साथ- साथ गणनात्मक सोच, डिजिटल साक्षरता और प्रौद्योगिकी के जिम्मेदार उपयोग में मजबूत आधार तैयार करना है।