इंटर के बाद कर सकते हैं शुरुआत :
विज्ञापन इंडस्ट्रीज में प्रशिक्षित लोगों की मांग हमेशा से रहती है इसीलिए विज्ञापन से संबंधित कोर्स भी बाजार में मौजूद हैं। इन्हें करने के बाद इस क्षेत्र में पहचान बना सकते हैं। यदि आप प्रशिक्षण प्राप्त करने के इच्छुक हैं तो आपको कम से कम 10+2 होना अनिवार्य है। इसके पश्चात आप दाखिला लेने के योग्य हो जाते हैं। वहीं अन्य कोर्यों के लिए स्नातक स्तर के लोगों की मांग की जाती है। कोर्स के दौरान छात्रों को विज्ञापन, विज्ञापन के प्रकार सेल्स प्रमोशन, ब्रांड इक्विटी, मार्केटिंग टूल्स, पंच लाइन लिखने, कॉपी राइटर, मीडिया प्लानिंग एवं मैनेजमेंट से संबंधित जानकारियां छात्रों को दी जाता है।
विज्ञापन का कार्यक्षेत्र :
एडवरटाइजिंग एक ऐसा क्षेत्र है, जिसका कार्यक्षेत्र बहुत फैला हुआ है। इस क्षेत्र में नौकरियों की कोई कमी नहीं है। ऐसे कुछ क्षेत्रों के बारे में आइए जानें विस्तार से-
क्रिएटिव डिपार्टमेंट :
इसके अंतर्गत कॉपी राइटर, विजुअलाइजर, फोटोग्राफर आदि आते हैं। जिसमें विज्ञापन के लिए स्लोगन, पंचलाइन लिखना, ग्राफिक्स, स्केचिंग संबंधी कार्य देखना, आकर्षक फोटोग्राफ्स खींचकर लाना जैसे कार्य शामिल हैं। इसमें उन लोगों की मांग ज्यादा होती है, जो लीक से हटकर कुछ सोचते हैं।
रोजगार के अवसर
विज्ञापन इंडस्ट्री में कई अन्य सेक्टरों के शामिल हो जाने से यह रोजगार के बड़े फलक पर अपना लोहा मनवा रही है। इसमें छात्र अपनी सुविधानुसार कोई क्षेत्र चुन सकते हैं। प्रतिदिन खुलने वाली एड एजेंसियों में नए-नए लोगों की आवश्यकता महसूस होती है। आने वाले समय में भी इस क्षेत्र का भविष्य सुनहरा है।
सैलरी
शुरुआती दिनों में विज्ञापन कंपनियों में प्रोड्क्शन मैनेजर के रूप में कैरिअर की शुरुआत 15,000 रुपये मासिक वेतन के रूप में कमाये जा सकते हैं। 20,000 रुपये का मेहनताना एक कॉपी राइटर को आसानी से प्राप्त हो जाता है।
प्रमुख संस्थान
1 : एडिटवर्क्स स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन, नोएडा
2 : एनआरएआई स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन, नई दिल्ली
3 : मास कम्युनिकेशन रिसर्च सेंटर, नई दिल्ली