अगर आप सुंदर हैं, आकर्षक हैं और लंबाई भी अच्छी है तो आप मॉडलिंग में कैरियर बना सकते हैं। इसमें नाम और ग्लैमर दोनों ही भरपूर हैं।
पहले अपना एक पोर्टफोलियो तैयार कर लें। किसी प्रोफेशनल फोटोग्राफर के पास जाकर अपनी कुछ अच्छी तस्वीरें खिंचवाएं और इस पोर्टफोलियो को किसी एडवरटाइजिंग एजेंसी को भेज दें। हो सके तो किसी फैशन डिजाइनर को दिखाकर अपनी मॉडलिंग की राह आगे बढ़ा सकते हैं।
टेलीविजन मॉडलिंग: इसमें आपको मूवी कैमरों के सामने मॉडलिंग करनी पड़ती है। जिसका इस्तेमाल टीवी विज्ञापनों, सिनेमा, वीडियो, इंटरनेट आदि में किया जाता है। प्रिंट मॉडलिंग: इसमें स्टिल फोटोग्राफर्स मॉडल्स की तस्वीरें उतारते हैं, जिनका इस्तेमाल अखबार, ब्रोशर्स, पत्रिकाओं, कैटलॉग, कैलेंडरों आदि में किया जाता है।
शोरूम मॉडलिंग: शोरूम मॉडल्स आमतौर पर निर्यातकों, गारमेंट निर्माताओं और बड़े रिटेलरों के लिए काम करते हुए खरीदारों के सामने फैशन के नवीनतम रुझानों को प्रदर्शित करते हैं।
रैंप मॉडलिंग: इसमें मॉडल्स को दर्शकों के सामने गारमेंट्स व ऐसेसरीज प्रदर्शित करनी होती है। यह प्रदर्शनी, फैशन शो या किसी शोरूम की बात भी हो सकती है। रैंप मॉडल की खड़े होने, चलने की शैली और बॉडी लैंग्वेज बेहतर होनी चाहिए।
सैलॅरी कितनी
फैशन डिजाइनिंग में सैलॅरी भी काफी बेहतर है। शुरू-शुरू में आपकी सैलॅरी 10,000 से 14,000 रुपये महीने हो सकती है। लेकिन दो-तीन साल में जब आप डिजाइनिंग में कुशल हो जाते हैं, तो सैलॅरी काफी बढ़ जाती है। जब आप इस फील्ड में एक बार जाने-पहचाने नाम बन जाते हैं, तो लाखों में कमाई कर सकते हैं।
इंस्टीट्यूट वॉच
-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद
-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइन, चंडीगढ़
-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता, हैदराबाद, चेन्नई, गांधीनगर, बेंगलुरु
-नॉर्थ इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, मोहाली
-पर्ल एकेडमी ऑफ फैशन, नई दिल्ली
-गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ गारमेंट टेक्नोलॉजी
-एफडीडीआई, नोएडा
-सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन