1. स्वास्थ्य क्षेत्र में नए संस्थान
स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल एजुकेशन को मजबूत करने के लिए बजट में कई अहम कदम उठाए गए हैं।
- 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब: भारत को मेडिकल टूरिज्म का केंद्र बनाने के लिए राज्यों के सहयोग से पांच रीजनल मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे। इनमें इलाज, शिक्षा और रिसर्च की सुविधाएं एक साथ होंगी।
- NIMHANS-2: उत्तर भारत में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक नया NIMHANS-2 स्थापित किया जाएगा।
- 3 अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान: आयुष और पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोले जाएंगे।
2. शिक्षा के लिए बड़े फैसले
बजट में उच्च शिक्षा और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए नए शैक्षणिक ढांचे पर भी ध्यान दिया गया है।
- 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप: औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के पास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाई जाएंगी। इनमें कई विश्वविद्यालय, कॉलेज, रिसर्च संस्थान और स्किल सेंटर होंगे।
- राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID): पूर्वी भारत में एक नया राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान स्थापित किया जाएगा, जिससे डिजाइन शिक्षा और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
3. पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर
पर्यटन को रोजगार का बड़ा जरिया मानते हुए बजट में इस क्षेत्र के लिए भी नया संस्थान घोषित किया गया है।
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी: होटल मैनेजमेंट और हॉस्पिटैलिटी एजुकेशन के लिए एक नया राष्ट्रीय संस्थान बनाया जाएगा, जो इंडस्ट्री और सरकार के बीच सेतु का काम करेगा।
कई संस्थानों को किया जाएगा अपग्रेड
बजट में नए संस्थानों के साथ-साथ कई मौजूदा संस्थानों को भी अपग्रेड करने की घोषणा की गई है। इनमें रांची और तेजपुर के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, आयुष फार्मेसी और ड्रग टेस्टिंग लैब, WHO ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर और खगोल विज्ञान से जुड़ी टेलीस्कोप सुविधाएं शामिल हैं।
रोजगार और स्किल डेवलपमेंट पर पड़ेगा असर
सरकार का मानना है कि नए संस्थानों के खुलने से न केवल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि डॉक्टरों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं, डिजाइनरों, टूरिज्म प्रोफेशनल्स और केयरगिवर्स के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।