Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 2025 के बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़े आवंटन की घोषणा की गई है। स्कूली और उच्च शिक्षा में महत्वपूर्ण बदलावों के साथ अधिक संसाधन प्रदान किए जाएंगे, जिनमें केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति, और आईआईटी का विस्तार शामिल है।
Budget 2025: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2025 को केंद्रीय बजट 2025 में शिक्षा क्षेत्र के लिए 6.65% का बजट बढ़ोतरी की घोषणा की। इस वृद्धि का उद्देश्य स्कूली और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और विकास को और तेज करना है। इस बार के बजट में शिक्षा के लिए आवंटित कुल राशि को 1.15 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.28 लाख करोड़ रुपये तक कर दिया गया है। जिसमें स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग को 78572.10 करोड़ रुपये और उच्च शिक्षा विभाग को 50077.95 करोड़ रुपये दिए गए है।
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आइए जानते हैं कि इस वित्त वर्ष 2025-26 शिक्षा के क्षेत्र को बजट में क्या-क्या मिला...
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- फोटो : Amar Ujala Graphics
स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग
वित्तीय वर्ष 2024 में स्कूली शिक्षा के लिए कुल आवंटन ₹67,571.20 करोड़ था, जबकि इस वर्ष यह बढ़कर ₹78,572.10 करोड़ हो गया है। यह 6.65% की वृद्धि दर्शाता है। केंद्रीय विद्यालय संगठन के लिए 2025 में ₹9,503.84 करोड़ का आवंटन किया गया है, जबकि नवोदय विद्यालय समिति को ₹5,305.23 करोड़ मिले हैं। वहीं, नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) के लिए ₹593.71 करोड़ और स्वायत निकायों को कुल ₹15,430.58 करोड़ का आवंटन किया गया है।
उच्च शिक्षा विभाग
उच्च शिक्षा विभाग के लिए भी आवंटन में वृद्धि की गई है। 2024 में उच्च शिक्षा के लिए ₹47,619.77 करोड़ का बजट था, जो इस बार बढ़कर ₹50,077.95 करोड़ हो गया है। प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना के लिए ₹1,560.00 करोड़ का आवंटन किया गया है, जबकि प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप के लिए ₹600.00 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। डिजिटल इंडिया ई-लर्निंग के लिए ₹681.00 करोड़ का आवंटन किया गया है।
सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमता में उत्कृष्टता केंद्रों (AI Centers of Excellence) के लिए ₹200.00 करोड़ और राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम के लिए ₹1,178.00 करोड़ का बजट भी निर्धारित किया है। इसके अलावा, केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए ₹16,691.31 करोड़ और आईआईटी (IITs) के लिए ₹11,349.00 करोड़ का आवंटन किया गया है।
स्कूली शिक्षा के लिए विशेष फोकस
सीतारमण ने अपने बजट भाषण में स्कूली शिक्षा को प्राथमिकता देने का वादा किया। उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, शिक्षक प्रशिक्षण में सुधार और छात्रों के लिए डिजिटल शिक्षा सामग्री की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कदम उठा रही है। इसके साथ ही, नई शिक्षा नीति के तहत राज्य सरकारों को सहायता दी जाएगी ताकि स्कूली शिक्षा प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
उच्च शिक्षा में और बढ़ेगा सुधार
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी इस बार के बजट में विशेष ध्यान दिया गया है। केंद्रीय विश्वविद्यालयों और शैक्षिक संस्थानों में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए फंडिंग में इजाफा किया गया है। इसके अलावा, स्टूडेंट्स के लिए अधिक छात्रवृत्तियों और शिक्षा ऋण की योजनाओं की घोषणा की गई है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को उच्च शिक्षा में प्रवेश में आसानी हो सके।