चंडीगढ़ के छात्रों को एनआईटी दिल्ली में स्टेट कोटा
एनआईटी और आईआईआईटी समेत कुछ अन्य कॉलेजों में 50 फीसदी सीट होम स्टेट कोटा वाले छात्रों के लिए आरक्षित रहती हैं। छात्र ध्यान दें कि उन्हें अपने विकल्प में होम स्टेट कोटा में जिस राज्य से उन्होंने अपनी 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की होगी, उसकी जानकारी भरें। अन्यथा लाभ नहीं मिलेगा। चंडीगढ़ के लिए एनआईटी दिल्ली में 50 फीसदी कोटा है। एनआईटी श्रीनगर में जम्मू, कश्मीर और लद्दाख (20 फीसदी) के छात्रों को सीट मिलेंगी।
बीटेक-बीई, बी -प्लान और बी-आर्क में इन विषयों का विकल्प
- एनआईटी समेत 108 कॉलेजों में बीटेक-बीई प्रोग्राम में दाखिले के लिए 12वीं कक्षा में पांच विषयों में पढ़ाई जरूरी है। इसमें फिजिक्स, गणित, लैंग्वेज अनिवार्य है, जबकि कैमिस्ट्री, बायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, टेक्निकल वोकेशन में से कोई एक विषय की पढ़ाई की होनी चाहिए।
- बैचलर ऑफ द प्लानिंग (बी-प्लान ) में गणित अनिवार्य है। इसके अलावा कोई चार विषयों (लैंग्वेज, कैमिस्ट्री, फिजिक्स, बायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, टेक्निकल वोकेशन) में से कोई भी पांच हो सकते हैं। जिन विषयों में सबसे अधिक अंक होंगे, उसे प्राथमिकता मिलेगी।
- बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर (बी-आर्क) में फिजिक्स, कैमिस्ट्री, गणित अनिवार्य है। इसके अलावा कोई दो अन्य विषय (बायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, टेक्निकल वोकेशन, लैंग्वेज आदि) की पढ़ाई होनी चाहिए। इसमें भी जिस विषय में सबसे अधिक अंक होंगे उसे प्राथमिकता पर रखा जाएगा।
एक अप्रैल 2025 से बाद के दस्तावेज लगेंगे
आरक्षित वर्ग के छात्रों को एक अप्रैल 2025 से बाद के डॉक्यूमेंट देने होंगे। कटऑफ में नाम आने पर उन्हें फ्लोट (दूसरे कॉलेज और दूसरी ब्रांच में भी जा सकते हैं), स्लाइड (दूसरे राउंड में जाकर पहली कटऑफ वाले संस्थान में ही अन्य ब्रांच लेनी है) या फ्रीज (सीट पक्की कर ली है, अगले राउंड में नहीं जाना है) में से एक विकल्प चुनना अनिवार्य है। यदि कोई छात्र फ्रीज नहीं करता है तो वह काउंसलिंग से अपने आप बाहर हो जाएगा। इसके बाद फीस जमा होगी। नेटबैंकिंग, डेबिट, क्रेडिट, यूपीआई आदि से फीस जमा होगी। सामान्य, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस वर्ग के छात्रों को 30 हजार रुपये जबकि एससी, एसटी व दिव्यांग वर्ग में 15 हजार रुपये फीस होगी।