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Bihar Board: 12वीं में नहीं मिले मनचाहे अंक? 25 मार्च से करें स्क्रूटनी और कंपार्टमेंटल परीक्षा के लिए पंजीकरण

Mon, 23 Mar 2026 06:38 PM IST
Akash Kumar एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

BSEB 12th Scrutiny and Compartment Form: बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं के परिणाम जारी हो चुके हैं। 85.19 फीसदी विद्यार्थी पास हुए हैं। असंतुष्ट या फेल छात्रों के लिए स्क्रूटनी और कंपार्टमेंटल परीक्षा का विकल्प खुला है। 25 मार्च से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो रही है। विद्यार्थी इसके जरिए अपने अंक सुधारकर साल बचा सकते हैं।

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BSEB Scrutiny, Compartment Form 2026 - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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BSEB 12th Result 2026: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने 12वीं कक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। इस वर्ष इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 13,04,200 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे, जिनमें से लगभग 85.19 प्रतिशत यानी करीब 11.11 लाख परीक्षार्थी सफल घोषित किए गए हैं। बोर्ड ने आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस तीनों संकायों के परिणाम एक साथ जारी किए हैं। 

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हालांकि, हर साल की तरह इस बार भी कुछ छात्र ऐसे हैं जो या तो एक-दो विषयों में फेल हो गए हैं या अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं हैं। ऐसे विद्यार्थियों के लिए आगे क्या रास्ते खुले हैं, इसे समझना बेहद जरूरी है।

पास होने के लिए कितने अंक जरूरी?

बिहार बोर्ड की 12वीं परीक्षा में सफल घोषित होने के लिए छात्रों को थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों को मिलाकर न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक हासिल करना अनिवार्य होता है। यदि किसी छात्र के अंक इस निर्धारित सीमा से कम रह जाते हैं, तो उसे अनुत्तीर्ण माना जाता है। ऐसे में छात्रों को निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि बोर्ड उन्हें सुधार के अवसर भी प्रदान करता है।

कम अंक या फेल होने पर क्या करें?

अगर किसी छात्र के अपेक्षा से कम अंक आए हैं या वह एक, दो या अधिक विषयों में असफल रहा है, तो उसके पास मुख्य रूप से दो विकल्प उपलब्ध होते हैं। ये विकल्प न केवल उसके अंकों में सुधार का मौका देते हैं, बल्कि उसके पूरे शैक्षणिक वर्ष को भी बचा सकते हैं।

स्क्रूटनी: अंकों की दोबारा जांच का मौका

यदि किसी विद्यार्थी को लगता है कि उसके प्राप्त अंक सही नहीं हैं या मूल्यांकन में कोई त्रुटि हुई है, तो वह स्क्रूटनी के लिए आवेदन कर सकता है। इस प्रक्रिया के तहत उसकी उत्तर पुस्तिका की पुनः जांच की जाती है।

इसमें यह देखा जाता है कि सभी उत्तरों का मूल्यांकन सही तरीके से हुआ है या नहीं, और कहीं अंक जोड़ने में गलती तो नहीं हुई। यदि किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है, तो उसे सुधारकर संशोधित परिणाम जारी किया जाता है।

कंपार्टमेंटल परीक्षा: साल बचाने का अवसर

जो छात्र एक या दो विषयों में फेल हो जाते हैं, उनके लिए कंपार्टमेंटल परीक्षा एक महत्वपूर्ण विकल्प है। इसके माध्यम से छात्र उसी वर्ष दोबारा परीक्षा देकर पास हो सकते हैं। इससे उन्हें पूरे साल का नुकसान नहीं उठाना पड़ता और वे अपने शैक्षणिक क्रम को जारी रख सकते हैं।

बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर के अनुसार, छात्रों को इस बार दो अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। 25 मार्च से 2 अप्रैल के बीच स्क्रूटनी के लिए आवेदन किया जा सकेगा। इसी अवधि में असफल छात्र विशेष-सह-कंपार्टमेंटल परीक्षा के लिए भी फॉर्म भर सकते हैं।
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सही विकल्प चुनना क्यों जरूरी है?

छात्रों को अपने परिणाम का सही विश्लेषण करके ही निर्णय लेना चाहिए। यदि उन्हें लगता है कि उनके अंक कम आए हैं लेकिन वे पास हैं, तो स्क्रूटनी एक बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं, यदि वे किसी विषय में फेल हो गए हैं, तो कंपार्टमेंट परीक्षा देना अधिक व्यावहारिक कदम होगा।
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