कोरोना महामारी के मामलों में आ रही गिरावट के बीच माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी बीएसई, ओडिशा ने कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा आयोजित करने की पूरी तैयारी कर ली है। परीक्षाएं 30 जुलाई, 2021 से शुरू होंगी।
ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाने वाली इस वर्ष की मैट्रिक (कक्षा 10वीं) परीक्षा में शामिल होने के लिए लगभग 15,151 छात्रों ने आवेदन पत्र भरे हैं। बता दें कि यह छात्र वे हैं, जो अपने 10वीं बोर्ड के मूल्यांकन नतीजे से असंतुष्ट हैं। बीएसई की ओर से जारी सूचना में बताया गया कि इस विशेष परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 06 अगस्त से शुरू होगा।
गौरतलब है कि कोरोना महामारी का प्रकोप चरम पर होने के कारण माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (बीएसई) ने अपनी 10वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी थीं। बाद में विशेष मूल्यांकन फॉर्मूले से 10वीं के छात्रों का रिजल्ट तैयार कर घोषित कर दिया था। इस रिजल्ट से असंतुष्ट छात्रों को विशेष परीक्षा में भाग लेने की अनुमति देने की बात कही गई थी। इसी के तहत यह परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं।
हालांकि, कई छात्रों, विशेष रूप से निजी स्कूलों के छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें उनके मानक और अपेक्षाओं से कम अंक दिए गए हैं। कई छात्रों ने मूल्यांकन के विवादास्पद तरीके पर सवाल उठाते थे। कई जगह अभिभावकों के द्वारा भी बीएसई की भूमिका की आलोचना करते हुए राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया गया था। छात्रों ने अपने संबंधित स्कूलों के शिक्षकों पर अंकों के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप भी लगाए थे।
इसके बाद बोर्ड आनन-फानन में परीक्षाओं के आयोजन की घोषणा कर दी। इसके तहत छात्रों को परीक्षा केंद्रों पर शारीरिक रूप से परीक्षा देने के लिए तैयारी करने हेतु सिर्फ चार सप्ताह का समय दिया गया। बोर्ड ने यह भी निर्णय लिया है कि ऑफलाइन परीक्षा में छात्रों द्वारा प्राप्त अंक ही अंतिम होंगे।
पिछले वर्ष की तुलना में ज्यादा छात्रों को मिला ए-1 ग्रेड
हालांकि, बोर्ड ने सफाई देते हुए कहा था, इस बार छात्रों के पिछले प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए परिणामों की घोषणा की थी। इस बार ए-1 ग्रेड में पास हुए छात्रों की संख्या पिछले साल की तुलना में दोगुनी है। इसी तरह इस साल ए-2 ग्रेड में तीन गुना अधिक छात्रों ने परीक्षा पास की है। राज्य में कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए तकरीबन 5,00,000 छात्रों ने पंजीकरण कराया था।