ब्रेन इमेजिंग
बेन इमेजिंग तकनीक मानसिक थकान को पहचाने में मदद करती है। एमआरआई, एफएमआरआई और पॉजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी (PET) जैसी ब्रेन इमेजिंग तकनीके वैज्ञानिकों और डॉक्टरों को यह समझने में मदद करती हैं कि मस्तिष्क के विभिन्न हिस्से तनाव के दौरान कैसे काम करते हैं और कैसी प्रतिक्रिया देते हैं।
इससे चिंता या अवसाद जैसी मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों से जुड़ी मस्तिष्क गतिविधि में पैटर्न या असंतुलन की पहचान होती है। इसके जरिये समस्याओं को पहचान कर माइंडफुलनेस, थेरेपी, ध्यान और योग जैसे तरीकों की मदद से अति सक्रिय मस्तिष्क क्षेत्रों को शांत करके तनाव को कम किया जा सकता है।
काम की प्रकृति
मानसिक दबाव का मुख्य कारण लगातार काम करते रहना है। ऐसे में हर दो मिनट में पांच से दस सेकंड का आराम आपके प्रदर्शन में सुधार ला सकता है। जिम्मेदारी बाले कामों को करते समय कम से कम बीस मिनट का ब्रेक जरूर लें। ज्यादा एकहाता बाले कार्यों में चालीस से पचास मिनट का अंतराल अवश्य होना चाहिए। यह ध्यान रखें कि काम के दौरान लिया गया ब्रेक नब्बे मिनट से अधिक का नहीं होना चाहिए।
सामान्य रूप से दस-दस मिनट के छोटे अंतराल भी कारगर होते हैं। ब्रेक लेने का मतलब यह कतई नहीं कि आप अन्य कार्यों से जुड़ जाएं, बल्कि इस दौरान योग करें या थोड़ी देर टहलें।
शुरुआती चार घंटे
यदि आपका काम मानसिक रूप से थका देने वाला है, तो पूरे दिन मेहनत करने के बजाय दिन के शुरुआती चार घंटे अधिक काम कर लें। पूरे दिन के कामों को उसकी आवश्यकता, उसमें लगने वाली मेहनत और दबाव के अनुरूप 90-90 मिनट के तीन से चार खंडों में विभाजित कर लें। इससे आप अलग-अलग कामों से खुद को जोड़कर अपने दिमाग की कार्यात्मक क्षमता में संतुलन बनाए रख सकते हैं। साथ ही, आपका काम भी निर्धारित समय पर पूरा हो जाएगा।
हमेशा प्रेरित रहें
खुद को ऊर्जावान बनाए रखने के लिए ऐसे कामों से जुड़े, जो आपको खुशी देते हों। हमेशा प्रेरित रहने और दिन के अंत में खुद को अच्छा महसूस करवाने के लिए अपनी कोई पंसदीदा फिल्म देख सकते हैं या किताब पढ़ सकते हैं। आप दोस्तों के साथ काहीं बाहर जाने या वीकेंड की योजना भी बना सकते हैं।