प्रोफाइल का मूल्यांकन
काउंसलर बोर्ड परीक्षाओं के अलग-अलग विषयों में आपके प्रदर्शन का गहनता से आकलन करते हैं। वे आपकी रुचियों और क्षमताओं को बेहतर तरीके से समझते हैं। इसी आधार पर आपको सही सुझाव देते हैं।
रुचि के अनुसार सलाह
अनुभवी करिअर काउंसलर अच्छे से जानते हैं कि आपके लिए विज्ञान में इंजीनियरिंग, मेडिकल, रिसर्च, आईटी या फार्मेसी बेहतर विकल्प है अथवा वाणिज्य में अकाउंटेंसी, फाइनेंस, मैनेजमेंट या बैंकिंग। इसके अलावा, कला संवर्ग के छात्रों को पत्रकारिता, साहित्य, कानून, समाजशास्त्र या डिजाइनिंग में से सही विकल्प चुनने में मदद करते हैं। अगर आप इन पारंपरिक स्ट्रीम्स में रुचि नहीं रखते, तो वह आपको स्किल आधारित कोर्सेज की जानकारी देते हैं, जैसे कि फैशन डिजाइनिंग, होटल मैनेजमेंट और फोटोग्राफी आदि।
वैज्ञानिक तरीके
काउंसलर आकलन करने के लिए वैज्ञानिक तरीके भी अपनाते हैं। वे एप्टीट्यूड टेस्ट के जरिये आपकी मानसिक क्षमताओं और तर्कशक्ति, तो इंटरेस्ट इन्वेंटरी की मदद से रुचियों का आकलन करते हैं। साथ ही, व्यक्तित्व परीक्षण के माध्यम से यह समझते हैं कि आपके करिअर के लिहाज से क्या बेहतर रहेगा? उनसे आपको स्वतंत्र रूप से सोचने और निर्णय लेने की भी प्रेरणा मिलती है।
भविष्य पर चर्चा
काउंसलर आपको स्ट्रीम से जुड़े करिअर विकल्पों, उच्च शिक्षा के लिए संभावित पाठ्यक्रम और कॉलेज, आने बाले वर्षों में रोजगार की मांग और बढ़ते उद्योग की जानकारी देते हैं। साथ ही, आपके माता-पिता को भी आपके ऊपर बेवजह दबाव डालने के बजाय आपकी रुचियों और क्षमताओं को समझने की सलाह देते हैं।
आवश्यक कौशल और प्रशिक्षण
आपके काउंसलर आपको आवश्यक सॉफ्ट स्किल्स जैसे कि संवाद क्षमता, नेतृत्व कौशल और टीम वर्क तथा टेक्निकाल स्किल्स जैसे कि प्रोग्रामिंग, डाटा एनालिसिस या अन्य तकनीकी कौशल और प्रशिक्षण की जानकारी भी देते हैं।