Board Exam Tips and Stress Management Counselling: बोर्ड परीक्षा के नाम से ही कईं विद्यार्थी और अभिभावक तनाव में आ जाते हैं। उन्हें समझना चाहिए कि अभी तक जितनी परीक्षाएं दी हैं, बोर्ड परीक्षाएं भी कुछ वैसी ही होती हैं। इसलिए बोर्ड परीक्षा से खौफ खाने की जरूरत नहीं है। मनोवैज्ञानिक और प्रोफेसर डॉ मीनू मेहरोत्रा ने बोर्ड परीक्षाओं को लेकर विद्यार्थियों के लिए कईं सुझाव दिए हैं।
अंग्रेजी भी दूसरे विषयों की तरह है, मन से पढ़ने की जरूरत है।
यदि अनुवाद में दिक्कत है तो टीचर की मदद लें।
सेंट्ल आइडिया, एस्से, एक्सप्लेनेशन पर जोर दें।
यदि हर चैप्टर को समझा होगा तो प्रश्नोत्तर में भी दिक्कत नहीं होगी।
ग्रामर में अनुवाद के नियमों को समझना होगा।
प्रमुख समीकरणों को याद करना होगा, रसायन विज्ञान में छोटे-छोटे कन्वर्जन महत्वपूर्ण हैं।
इलेक्ट्रो कैमिकल सीरीज याद करें, समीकरणों में दिक्कत नहीं होगी।
हैलोबेंजीन, एरोमैटिक एवं एलेफेटिक कंपाउंड्स को समझें।
एचसीएल, एचएनओ-3, एनएच-3, सीएल-2, एसओ-2 जैसे चैप्टर बहुत महत्वपूर्ण हैं।
समीकरणों की मैकेनिज्म पढ़ें, फिर आसानी से समझ में आएंगी।
किसी भी समय पढ़ें, लेकिन पूर्ण एकाग्रता के साथ सुबह न उठ पाने के कारण तनाव न लें।
कॉन्सेप्ट को समझकर पढ़ें और लिखने की आदत डालें।
यह तय करें कि क्या रह गया है, उसके अनुसार आगे की रणनीति बनाएं।
जो पढ़ लिया है, उसका रिवीजन जरूर करें, भूलेंगे नहीं।
समय को दो हिस्सों में बांटें, पहले हिस्से में रिवीजन और दूसरे में नई पढ़ाई।
लॉन्ग टर्म मैमोरी के लिए एक साथ बहुत ज्यादा भी न पढ़ें।
थोड़ा याद करके लिखने की आदत डालें और बार-बार रिवीजन करें।
गणित, फिजिक्स जैसे विषयों में अभ्यास ही सफलता की गारंटी है।
दो दिन थ्योरी, दो दिन अभ्यास, इस तरह करें परीक्षा का अभ्यास।