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Board Exam 2025: इस राज्य में बोर्ड एग्जाम से पहले 12वीं के छात्रों ने ली नकल न करने की शपथ, फरवरी में परीक्षा

Wed, 22 Jan 2025 06:24 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Maharashtra: बोर्ड परीक्षाओं का दौर शुरू होने में अब अधिक समय नहीं बचा है। अधिकतर बोर्ड्स की परीक्षाएं फरवरी महीने में शुरू हो जाएंगी। ऐसे में देश के एक राज्य में 12वीं कक्षा के छात्रों ने नकल के खिलाफ शपथ ली है।
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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Maharashtra: बोर्ड परीक्षाओं से पहले देश के एक राज्य में 12वीं कक्षा के छात्रों ने नकल के खिलाफ शपथ ली। महाराष्ट्र के लातूर शहर के एक कॉलेज के कक्षा 12वीं के छात्रों ने मंगलवार को नकल के खिलाफ शपथ ली। महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, पुणे ने कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए 11 फरवरी से 18 मार्च तक उच्चतर माध्यमिक प्रमाणपत्र (HSC) परीक्षाएं निर्धारित की हैं।

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स्कूलों को नकल रहित परीक्षा के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश

राज्य सरकार ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे 'नकल रहित' परीक्षा के लिए जागरूकता अभियान सप्ताह (20-26 जनवरी) आयोजित करें। निर्देश के अनुसार, दयानंद कॉलेज ऑफ आर्ट्स के कक्षा 12वीं के छात्रों ने अपने प्रिंसिपल शिवाजी गायकवाड़ की मौजूदगी में नकल रहित परीक्षा की शपथ ली।

कॉलेज के उप-प्राचार्य डॉ. दिलीप नागरगोजे ने विद्यार्थियों को शपथ दिलाई। शपथ में बोर्ड परीक्षाओं की पूरी तैयारी करने, परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों से दूर रहने तथा बोर्ड द्वारा निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया।
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बिना नकल किए अच्छा परिणाम हासिल करने की ली शपथ

विद्यार्थियों ने दूसरों को अनुचित तरीकों का प्रयोग करने से रोकने तथा आत्मविश्वास के साथ, तनाव मुक्त होकर परीक्षा देने तथा अपने कॉलेज, माता-पिता और शिक्षकों को गौरवान्वित करने के लिए उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करने पर ध्यान केन्द्रित करने की शपथ ली।

नकल-मुक्त जागरूकता सप्ताह में नैतिक परीक्षा प्रथाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई गतिविधियां शामिल हैं। मुख्य पहलों में स्थानीय प्रतिनिधियों, स्कूल विकास और प्रबंधन समिति के सदस्यों, नागरिकों, माध्यमिक विद्यालयों और जूनियर कॉलेजों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को एक संयुक्त बैठक में शामिल करना शामिल है, ताकि अभियान के प्रभावी कार्यान्वयन पर चर्चा की जा सके।
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