उच्च शिक्षा में समन्वय के लिए सर्वोच्च निकाय बनाने का प्रस्ताव
वर्तमान में आईआईटी और आईआईएम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा विनियमित नहीं हैं।
विधेयक में कहा गया है, "विक्षित भारत शिक्षा अधिष्ठान उच्च शिक्षा के व्यापक और समग्र विकास के लिए दिशा-निर्देश प्रदान करने और परिषदों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने के लिए एक सर्वोच्च छत्र निकाय होगा।"
इसमें आगे कहा गया है, "मानक परिषद उच्च शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक मानकों के समन्वय और निर्धारण को सुनिश्चित करेगी, नियामक परिषद उच्च शिक्षण संस्थानों में मानकों के समन्वय और रखरखाव को सुनिश्चित करेगी, जबकि प्रत्यायन परिषद प्रत्यायन की एक स्वतंत्र प्रणाली की निगरानी और देखरेख करने वाली एक प्रत्यायन संस्था होगी।"