बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने 'अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि 31 मार्च तक मैट्रिक परीक्षा का परिणाम जारी करने का लक्ष्य है, ताकि आगे के दाखिले में छात्र-छात्राओं को सहूलियत हो। लगातार पांचवीं बार बिहार बोर्ड ने सबसे पहले 12वीं की परीक्षा का परिणाम दिया है। इससे इंटर पास होने वालों को आगे के दाखिले के लिए तन-मन से तैयारी करने का करीब एक महीने का अतिरिक्त समय मिलेगा।
बिहार मैट्रिक परीक्षा के रिजल्ट की तैयारी अपने अंतिम चरण में है और समिति ने 31 मार्च तक परिणाम देने का लक्ष्य रखा है। मैट्रिक परीक्षा का परिणाम भी मार्च में देकर 10वीं के बाकी बोर्ड से पहले परिणाम जारी करने की तैयारी है। 15 मार्च तक मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी की गई है। अब इंटर का परिणाम जारी होने के साथ ही मैट्रिक के रिजल्ट को अंतिम रूप देने की तैयारी चल रही है।
परीक्षा परिणाम के पहले बिहार बोर्ड सभी टॉपरों के साथ इंटरेक्शन करता है, जिससे यह पुष्टि हो कि वह सही मायने में इस काबिल हैं या नहीं। 2016 में यह व्यवस्था नहीं थी, जब इंटर की टॉपर ने विषय का गलत नाम और स्पेलिंग बोलकर बिहार बोर्ड की टॉपर सूची की किरकिरी करा दी थी। अब परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन और नंबरों के मिलान के बाद संभावित टॉपरों से मिलकर तसदीक की जाएगी।
BSEB Toppers Award: 83.07 प्रतिशत परीक्षार्थी हुए सफल
बिहार बोर्ड इंटर 2023 का कुल रिजल्ट 83.07 फीसदी रहा है। कला संकाय का रिजल्ट 82.74 फीसदी, वाणिज्य संकाय का परिणाम 93.85 फीसदी तथा विज्ञान संकाय का रिजल्ट 83.92 फीसदी रहा है। जबकि बीते साल 2021-22 में 12वीं कक्षा के परिणाम में कुल 80.15 फीसदी छात्र-छात्राओं ने सफलता प्राप्त की थी। अविवाहित छात्राओं को 25 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता राशि अलग से दी जाएगी। टॉपर्स के लिए मेंटरिंग व्यवस्था शुरू की जाएगी।