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BIHAR BOARD 10TH TOPPER: बिहार बोर्ड का टॉपर कैसे तय होता है? जानिए पूरी प्रक्रिया

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: सौरभ पांडेय Updated Fri, 31 Mar 2023 02:18 PM IST

सार

BIHAR BOARD 10TH TOPPER: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की ओर से शुक्रवार को मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। लेकिन क्या आपको पता है कि बिहार बोर्ड टॉपर्स का चयन कैसे करता है।
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Bihar BSEB 10th Result 2023 - फोटो : Amar Ujala Graphics
BIHAR BOARD 10TH TOPPER: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की ओर से शुक्रवार को मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। लेकिन क्या आपको पता है कि बिहार बोर्ड टॉपर्स का चयन कैसे करता है। इस सूची में किन परीक्षार्थियों को टॉपर्स की सूची में रखा जाता है। यह जानना भी रोचक है। सिर्फ ज्यादा अंक लाने भर से कोई छात्र-छात्रा टॉपर नहीं बन सकता है। इसके लिए उन्हें भौतिक परीक्षण से भी गुजरना पड़ता है। इस टॉपर्स सूची को फाइनल करने के लिए 250 से ज्यादा ऐसे परीक्षार्थियों को बिहार बोर्ड ने वेरीफिकेशन के लिए बुलाया था, जो प्राप्तांकों के मामले में आगे थे।
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Bihar BSEB 10th Result 2023 - फोटो : Amar Ujala Graphics
BIHAR BOARD 10TH TOPPER: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की ओर से शुक्रवार को मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। लेकिन क्या आपको पता है कि बिहार बोर्ड टॉपर्स का चयन कैसे करता है। इस सूची में किन परीक्षार्थियों को टॉपर्स की सूची में रखा जाता है। यह जानना भी रोचक है। सिर्फ ज्यादा अंक लाने भर से कोई छात्र-छात्रा टॉपर नहीं बन सकता है। इसके लिए उन्हें भौतिक परीक्षण से भी गुजरना पड़ता है। इस टॉपर्स सूची को फाइनल करने के लिए 250 से ज्यादा ऐसे परीक्षार्थियों को बिहार बोर्ड ने वेरीफिकेशन के लिए बुलाया था, जो प्राप्तांकों के मामले में आगे थे।

लिखावट का होता है भौतिक सत्यापन

हार बोर्ड टॉपर घोषित करने से पहले सबसे ज्यादा नंबर लाने वाले पूरे बिहार के परीक्षार्थियों को वेरीफिकेशन के लिए बोर्ड मुख्यालय में बुलाया जाता है। जहां मैट्रिक परीक्षार्थी की उत्तर पुस्तिकाओं से हैंड राइटिंग का भौतिक सत्यापन कराया जाता है। इसके पीछे कारण यह है कि कोई छात्र फर्जी तरीके से टॉपर न बन जाए। इस दौरान यह भी देखा जाता है कि परीक्षार्थी जवाब देते समय स्पष्ट है या नहीं, मतलब कन्फ्यूजन या अंदाजन तो जवाब नहीं दे रहा है। 

मैट्रिक परीक्षार्थियों से अलग-अलग तरह के सवाल पूछे गए थे। खासकर हिंदी में पूछे गए वैज्ञानिक या गणितीय टर्म को लेकर परीक्षार्थी फंसते भी दिखाई दिए। कई परीक्षार्थियों से उनके जीवन का लक्ष्य भी पूछा गया तो कई से उनके जिले या पसंदीदा विषय के बारे में भी बोलने के लिए कहा गया।

अलग-अलग सवाल पूछे गए

टॉपर्स की सूची बनाने के बाद यह भी देखा जाता है कि सर्वाधिक नंबर वाले कितने परीक्षार्थी हैं। उन सभी को टॉप 1 में रखा गया। उसके बाद जिन सभी का प्राप्तांक हुआ, उन्हें सेकंड टॉपर के रूप में घोषित किया गया। इसी तरह बाद वालों की भी सूची इसी तरह बनाई जाती है। मैट्रिक में छात्रों को हर विषय पढ़ना होता है, इसलिए टॉपर चुनने के लिए भी परीक्षार्थियों से लगभग हर विषय से सवाल पूछे जाते हैं। इस बार किसी से हिंदी की लाइन को संस्कृत में बदलने कहा गया तो किसी को अंग्रेजी में। इसी तरह किसी से साइंस का सवाल पूछने के बाद इतिहार से जुड़ी जानकारी पूछ ली गई। अलग सवालों के पीछे परीक्षार्थी की ओवरऑल जानकारी का पता लगाना था।

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