टॉपर्स की सूची बनाने के बाद यह भी देखा जाता है कि सर्वाधिक नंबर वाले कितने परीक्षार्थी हैं। उन सभी को टॉप 1 में रखा गया। उसके बाद जिन सभी का प्राप्तांक हुआ, उन्हें सेकंड टॉपर के रूप में घोषित किया गया। इसी तरह बाद वालों की भी सूची इसी तरह बनाई जाती है। मैट्रिक में छात्रों को हर विषय पढ़ना होता है, इसलिए टॉपर चुनने के लिए भी परीक्षार्थियों से लगभग हर विषय से सवाल पूछे जाते हैं। इस बार किसी से हिंदी की लाइन को संस्कृत में बदलने कहा गया तो किसी को अंग्रेजी में। इसी तरह किसी से साइंस का सवाल पूछने के बाद इतिहार से जुड़ी जानकारी पूछ ली गई। अलग सवालों के पीछे परीक्षार्थी की ओवरऑल जानकारी का पता लगाना था।