गौरतलब है कि इससे पहले बिहार बोर्ड की वार्षिक परीक्षा 2021 के घोषित इंटरमीडिएट परीक्षा के नतीजे में 13,40,267 विद्यार्थी में से 10,48,846 विद्यार्थी यानी 78.26 प्रतिशत उत्तीर्ण हुए थे। एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण छात्रों को अतिरिक्त ग्रेस अंक दिए जाने के इस निर्णय से अब कुल 97,474 विद्यार्थी (कला संकाय में 53,939 विद्यार्थी, वाणिज्य संकाय में 1,814 विद्यार्थी, विज्ञान संकाय में 41,691 विद्यार्थी तथा वोकेशनल में 30 विद्यार्थी) भी उत्तीर्ण हुए हैं। इस प्रकार, अब कुल उत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या 11,46,320 होती है जो सम्मिलित होने वाले विद्यार्थियों का 85.53 प्रतिशत हो जाता है।
इसी प्रकार, मैट्रिक वार्षिक परीक्षा, 2021 में अतिरिक्त ग्रेस अंक दिए जाने के परिणामस्वरूप एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण छात्रों में से कुल 1,21,316 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। पूर्व में मैट्रिक वार्षिक परीक्षाफल, 2021 में सम्मिलित 16.54,171 विद्यार्थियों में से 12,93,054 यानी कुल 78.17 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे। इस प्रकार, अब इस परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थियों की कुल संख्या 14,14,370 हो गई है, जो 85.50 प्रतिशत होता है।
इस अवसर पर मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि छात्रों के हित में लिए गए राज्य सरकार के इस निर्णय से हजारों विद्यार्थी लाभान्वित होंगे तथा कोरोना महामारी से उत्पन्न विकट स्थिति के बावजूद उनका एक वर्ष खराब भी नहीं होगा।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ही पूरे देश का एकमात्र बोर्ड है जिसने इंटरमीडिएट एवं मैट्रिक वार्षिक परीक्षा का ससमय आयोजन किया तथा उसका ससमय परिणाम भी जारी किया। आज सीबीएसई व आईएससी एवं अन्य राज्यों के परीक्षा बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने के कारण मूल्यांकन के अन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।