BHU Fellowship 2022: इस तारीख से पहले करना होगा आवेदन
यह योजना इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस - बीएचयू कार्यक्रम के तहत शुरू की गई है। इस फेलोशिप के लिए विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के अंतिम वर्ष के छात्र आवेदन करने के पात्र होंगे। हालांकि, उन्हें न्यूनतम 8.5 सीजीपीए के साथ शीर्ष पांच पर्सेंटाइल में होना चाहिए। बीएचयू पीएचडी प्रोग्राम के छात्रों के लिए एनी बेसेंट फेलोशिप के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि पांच अगस्त, 2022 ही निर्धारित की गई है।
BHU Fellowship 2022: चार साल में पूरी करनी होगी पीएचडी थीसिस
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ने आधिकारिक अधिसूचना में बताया कि फेलोशिप में शामिल होने वालों से कार्यक्रम में शामिल होने के चार साल के भीतर अपनी पीएचडी थीसिस पूरी करने की उम्मीद की जाएगी। चयनित उम्मीदवारों को उनके पीएचडी कार्यक्रम के दौरान सीएसआईआर/ यूजीसी के समान जेआरएफ प्रदान किया जाएगा।
BHU Fellowship: जेआरएफ/ नेट वालों को 5000 रुपये महीना अतिरिक्त
फेलोशिप मानदंड के अनुसार, यदि छात्र एक वर्ष के भीतर यूजीसी या सीएसआईआर की जेआरएफ/ नेट योग्यता या फिर इंस्पायर फेलोशिप आदि के लिए अर्हता प्राप्त कर लेता है, तो विश्वविद्यालय 5000/- रुपये प्रति माह नकद प्रोत्साहन के रूप में प्रदान करेगा। विश्वविद्यालय द्वारा यह उम्मीद की जाती है कि छात्र वर्ष के भीतर जेआरएफ के लिए अर्हता प्राप्त कर लेगा।
BHU Fellowship 2022: छात्र- छात्राओं पर लागू होंगे ये नियम
वहीं, यदि छात्र ने यूजीसी या सीएसआईआर की जेआरएफ/ नेट योग्यता या फिर इंस्पायर फेलोशिप आदि क्वालीफाई नहीं किया है तो विश्वविद्यालय पहले वर्ष में जेआरएफ के लिए प्रचलित दर पर फेलोशिप प्रदान करेगा।
जबकि यदि दूसरे वर्ष तक भी छात्र यूजीसी या सीएसआईआर की जेआरएफ/ नेट योग्यता या फिर इंस्पायर फेलोशिप आदि के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाता है तो दूसरे वर्ष से विश्वविद्यालय फेलोशिप को जेआरएफ दर के 50 फीसदी तक कम कर देगा। इसके अलावा यदि कोई छात्र किसी भी स्तर पर प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप यानी पीएमआरएफ प्राप्त करता है, तो विश्वविद्यालय टॉप-अप फेलोशिप प्रदान नहीं करेगा।