कितनी मिलेगी सहायता?
योजना के तहत स्नातक (UG) पाठ्यक्रमों में नामांकित पुरुष छात्रों को 1000 रुपये प्रति माह, जबकि परास्नातक (PG) छात्रों को 2000 रुपये प्रति माह की सहायता दी जाएगी।
कौन होगा पात्र?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन छात्रों के परिवार की वार्षिक आय 4 लाख रुपये से कम है, वे इस योजना के लिए पात्र होंगे। हालांकि, सरकारी कर्मचारी के पुत्र या 4 लाख रुपये से अधिक आय वाले परिवारों के छात्र इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे।
क्यों जरूरी है यह योजना?
लोकसभा में 2023-24 के दौरान पेश आंकड़ों के अनुसार, असम में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं में बेरोजगारी दर 14.1 प्रतिशत रही है। ऐसे में सरकार का मानना है कि शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट में निवेश से रोजगार की संभावनाएं बेहतर होंगी।
पहले से चल रही योजनाओं का विस्तार
बाबू असोनी योजना असम सरकार की उन पहलों का विस्तार मानी जा रही है, जो अब तक मुख्य रूप से छात्राओं पर केंद्रित थीं। ‘निजुत मोइना’ योजना के जरिए बालिकाओं को उच्च माध्यमिक से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे नामांकन बढ़ा और बाल विवाह में कमी आई।
राज्य सरकार का कहना है कि नई योजना से उच्च शिक्षा में ड्रॉपआउट रेट घटेगा और छात्रों को भविष्य के रोजगार अवसरों के लिए बेहतर रूप से तैयार किया जा सकेगा।