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Assam: पीजी छात्रों को हर महीने मिलेगी 2000 रुपये की आर्थिक सहायता, असम सरकार ने शुरू की बाबू असोनी योजना

Thu, 01 Jan 2026 06:58 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Babu Asoni Scheme: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बाबू असोनी योजना की घोषणा की है। इसके तहत स्नातक छात्रों को 1000 और परास्नातक छात्रों को 2000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। योजना 1 फरवरी से लागू होगी।
 
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हिमंत बिस्वा सरमा, असम के सीएम - फोटो : ANI (फाइल फोटो)
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विस्तार
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Assam: उच्च शिक्षा में पढ़ रहे पुरुष छात्रों को आर्थिक संबल देने के उद्देश्य से असम सरकार ने नई वित्तीय सहायता योजना ‘बाबू असोनी’ शुरू करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया कि यह योजना 1 फरवरी से लागू होगी और पात्र छात्रों को हर महीने सीधे बैंक खाते में सहायता राशि दी जाएगी।

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मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि यह योजना पुरुष छात्रों से किया गया एक पुराना वादा पूरा करती है। इसका उद्देश्य आर्थिक दबाव को कम कर छात्रों को पढ़ाई पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करने में मदद करना है।

कितनी मिलेगी सहायता?

योजना के तहत स्नातक (UG) पाठ्यक्रमों में नामांकित पुरुष छात्रों को 1000 रुपये प्रति माह, जबकि परास्नातक (PG) छात्रों को 2000 रुपये प्रति माह की सहायता दी जाएगी।

कौन होगा पात्र?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन छात्रों के परिवार की वार्षिक आय 4 लाख रुपये से कम है, वे इस योजना के लिए पात्र होंगे। हालांकि, सरकारी कर्मचारी के पुत्र या 4 लाख रुपये से अधिक आय वाले परिवारों के छात्र इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे।
 

क्यों जरूरी है यह योजना?

लोकसभा में 2023-24 के दौरान पेश आंकड़ों के अनुसार, असम में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं में बेरोजगारी दर 14.1 प्रतिशत रही है। ऐसे में सरकार का मानना है कि शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट में निवेश से रोजगार की संभावनाएं बेहतर होंगी।
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पहले से चल रही योजनाओं का विस्तार

बाबू असोनी योजना असम सरकार की उन पहलों का विस्तार मानी जा रही है, जो अब तक मुख्य रूप से छात्राओं पर केंद्रित थीं। ‘निजुत मोइना’ योजना के जरिए बालिकाओं को उच्च माध्यमिक से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे नामांकन बढ़ा और बाल विवाह में कमी आई।

राज्य सरकार का कहना है कि नई योजना से उच्च शिक्षा में ड्रॉपआउट रेट घटेगा और छात्रों को भविष्य के रोजगार अवसरों के लिए बेहतर रूप से तैयार किया जा सकेगा।
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