बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन, असम, (SEBA) द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं की परीक्षाओं के प्रश्न-पत्र लीक होने के दो उदाहरण इस सप्ताह के शुरू में सामने आए थे, जिसके कारण दोनों परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया था। इसके बाद शनिवार सुबह करीब 11 बजे से ही भूगोल के प्रश्न पत्र के दावे वाला कथित पहला पेज सोशल मीडिया, खासकर व्हॉट्सएप पर सर्कुलेट होने लगा, जिससे परीक्षार्थियों में दहशत फैल गई।
इसके बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और शिक्षा मंत्री रनोज पेगू ने स्वयं भूगोल के पेपर के कथित तौर पर लीक होने की बात को तुरंत खारिज कर दिया। भूगोल विषय की परीक्षा सोमवार को निर्धारित है और यह पूरे माहौल को बाधित करने का प्रयास है। हालांकि, शिक्षा मंत्री पेगू ने दावा किया कि 2021 के भूगोल के प्रश्न-पत्र को संपादित किया गया था और सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया था, जिससे परीक्षार्थियों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी क्योंकि उस वर्ष कोविड महामारी के कारण 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा नहीं हुई थी।
भूगोल के प्रश्न पत्र के लीक होने से इनकार करते हुए, सीएम ने ट्वीट किया कि ऐसा प्रतीत होता है कि लोगों के कुछ समूह हाई स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट यानी एचएसएलसी परीक्षा के झूठे पेपर लीक करके पूरे माहौल को बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि असम पुलिस समूहों की पहचान का पता लगाने और उचित कार्रवाई करने के लिए मामले की जांच करेगी।
वहीं, राज्य के शिक्षा मंत्री पेगू ने यह भी कहा कि कोई प्रश्न पत्र लीक नहीं हुआ। उन्होंने ट्वीट किया कि सोशल मीडिया में कथित रूप से लीक होने का जो भूगोल का प्रश्न पत्र प्रसारित किया जा रहा है, वह फर्जी है। सेबा प्राधिकरण ने पुष्टि की है कि यह फर्जी है। संबंधित अधिकारी को पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। पेगू ने कहा कि इस साल कक्षा 10वीं की परीक्षा शुरू होने के बाद से कई समूह पूर्व नियोजित तरीके से गलत सूचना फैला रहे हैं।