NEP 2020 की पांचवीं वर्षगांठ पर रिकॉर्ड
केंद्र समेत अधिकतर राज्य मंगलवार यानी 29 जुलाई को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की पांचवीं वर्षगांठ मना रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनईपी 2020 को 29 जुलाई 2020 को देश को समर्पित की थी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में अपार-आईडी छात्रों के लिए प्रमुख सिफारिशों में से एक थी।
इसका मकसद, उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण करना था, ताकि उन्हें विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में आसानी से स्थानांतरण, छात्रवृति, सरकारी योजनाओं में लाभ और उनके शैक्षणिक प्रगति की निगरानी के साथ शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया जा सके।
एक दिन में एक लाख से अधिक अपार-आईडी बनने का रिकार्ड
देशभर में कुल 14,72,390 स्कूलों में 24.74 करोड़ छात्र पढ़ाई करते हैं। इसमें से अभी 13.89 करोड़ छात्रों की अपार-आईडी बन चुकी है। इसमें यूपी पहले तो महाराष्ट्र 1.83 करोड़ छात्रों के साथ दूसरे तो बिहार 1.21 करोड़ के साथ तीसरे स्थान पर है। जबकि उत्तराखंड में 16.33 लाख, हरियाणा में 48.54 लाख,चंडीगढ़ में 2.19 लाख,हिमाचल में 9.06 लाख, जम्मू-कश्मीर में 13.78 लाख, लददाख के 45 हजार, मध्य प्रदेश के 99 हजार, राजस्थान के 1.03 करोड़, पंजाब में 35.94 लाख, दिल्ली के 34.77 लाख को यूनिक नंबर मिल चुका है। इसके अलावा नवोदय स्कूल में 2.69 लाख और केंद्रीय विद्यालय के 10.70 लाख छात्र शामिल हैं। इसके अलावा 17 अप्रैल को एक दिन में एक लाख से अधिक अपार-आईडी बनने का रिकार्ड बना है।
क्या है अपार आईडी
अपार आईडी छात्रों के लिए एक 12 अंकों की विशिष्ट डिजिटल पहचान है, जिसे
ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री के रूप में जाना जाता है। यह छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड जैसे कि परीक्षा परिणाम, प्रमाण पत्र, और अन्य उपलब्धियों को डिजिटल रूप से संग्रहीत करने के लिए है। अपार आईडी छात्रों को एक ही स्थान पर अपनी सभी शैक्षणिक जानकारी तक पहुंचने में मदद करती है।