क्या है पूरा मामला?
दरअसल, हाल में ही कर्मचारियों के साथ बातचीत में कहा कि अगर संभव हुआ तो वे रविवार को भी उनसे काम करवाएंगे और उन्होंने 90 घंटे के कार्य सप्ताह की वकालत की। उन्होंने यह टिप्पणी तब की जब उनसे कंपनी की छह दिन के कार्य सप्ताह की नीति के बारे में पूछा गया।
सुब्रमण्यन ने कर्मचारियों के साथ बैठक के दौरान कहा, "मुझे खेद है कि मैं आपसे रविवार को काम नहीं करवा पा रहा हूं। अगर मैं आपसे रविवार को काम करवा पाता, तो मुझे बहुत खुशी होती।" उन्होंने आगे पूछा, "आप घर पर बैठकर क्या करते हैं? आप अपनी पत्नी को कितनी देर तक घूर सकते हैं?"
सुब्रह्मण्यन की टिप्पणियों ने कार्य-जीवन संतुलन पर चल रही बहस में आग में घी डालने का काम किया है, जिसकी शुरुआत सबसे पहले 2023 में इंफोसिस के सह-संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति ने की थी, जब उन्होंने सप्ताह में 70 घंटे काम करने का सुझाव दिया था।