फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

AMIMUN'22: एमिटी यूनिवर्सिटी के मॉडल यूनाइटेड नेशन कार्यक्रम का शानदार समापन, छात्र समितियों ने जारी किए पॉलिसी डॉक्यूमेंट

सार

AMIMUN'22: एमिटी यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित दो दिवसीय उत्सव एमिटी इंटरनेशनल मॉडल यूनाइटेड नेशन (AMIMUN'22) के दूसरे दिन की बैठक में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों एवं राष्ट्राध्यक्षों की भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और विदेश नीति की समझ का परिचय दिया। बैठक से पहले छात्रों ने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों एवं राष्ट्राध्यक्षों के तौर पर मॉडल संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रमुख को अपने मसौदे पत्र भी प्रस्तुत किए।
विज्ञापन
AMIMUN’22 Amity University - फोटो : Amity University
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एमिटी यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश की ओर से आयोजित दो दिवसीय उत्सव एमिटी इंटरनेशनल मॉडल यूनाइटेड नेशन (AMIMUN'22) के दूसरे दिन संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) की डमी बैठक हुई। वहीं, नीति आयोग डमी बैठक भी लगातार दूसरे दिन जारी रही।

विज्ञापन

इन बैठकों में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों एवं राष्ट्राध्यक्षों की भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय राजनीति और विदेश नीति की समझ का परिचय दिया। बैठक से पहले छात्रों ने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों एवं राष्ट्राध्यक्षों के तौर पर मॉडल संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रमुख को अपने मसौदे पत्र भी प्रस्तुत किए। इन पॉलिसी डॉक्यूमेंट को पेश करने के साथ ही दो दिवसीय लीडरशिप फेस्टिवल मॉडल यूनाइटेड नेशन का समापन हो गया। अमर उजाला ने इस नेतृत्व विकास कार्यक्रम में बतौर मीडिया पार्टनर अपनी भूमिका निभाई।

डमी संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में छाया आर्थिक अपराधों का मुद्दा

एमिटी इंटरनेशनल मॉडल यूनाइटेड नेशन (AMIMUN'22) के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की डमी बैठक में छात्र प्रतिनिधियों ने वैश्विक मामलों और चुनौतियों से निपटने में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को लेकर विमर्श किया। बैठक के दौरान मुख्य तौर पर अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अपराधों और बैंक नीतियों व वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रावधानों पर चर्चा की। इस दौरान में साइबर सुरक्षा का मुद्दा भी उठा। कई सदस्य देशों ने कहा कि ऐसे अपराधियों को शरण, संरक्षण और बढ़ावा देने वाले देशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। 

 

वैश्विक निकाय की भूमिका को सशक्त बनाने की जरूरत 

डमी यूएनजीए की बैठक के दौरान छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसे अपराधों को रोकने के लिए वैश्विक निकाय की भूमिका को सशक्त बनाने की जरूरत है। वहीं, कुछ देशों के प्रतिनिधियों ने वित्तीय सारक्षता बढ़ाने पर जोर देने का मांग की। बैठक में छात्र-छात्राओं ने स्लोवानिया, स्पेन, मालद्वीव, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रिया, बांग्लादेश, बेलारूस, ब्राजील, मलावी, इंडोनेशिया, मोरक्को, श्रीलंका, पेरू, कुवैत, माल्टा जैसे देशों के प्रतिनिधि की भूमिका निभाई। विद्यार्थियों ने संयुक्त राष्ट्र अपने देश के स्थायी प्रतिनिधि और राजदूत के तौर पर अपने विचार व्यक्त किए।

 

डमी नीति आयोग की बैठक में दूसरे दिन भी नवीन ऊर्जा स्रोतों पर हुई चर्चा

एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा के फेस्टिवल AMIMUN'22 के दूसरे भी नीति आयोग की डमी बैठक जारी रही। बैठक के दूसरे दिन भी नवीन ऊर्जा स्रोतों जैसे- परमाणु ऊर्जा, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बायोगैस और बायोइथेनॉल के उत्पादन और इन्हें बढ़ावा देने की नीतियों जैसे अहम विषय पर केंद्रित रही। बैठक में विद्यार्थी वक्ताओं ने वैश्विक परिदृश्य के संदर्भ में कार्बन उत्सर्जन और पर्यावरण प्रदूषण को लेकर चिंता जाहिर की। साथ ही इनसे निपटने और अपने क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए उपायों के बारे में बताया। 

 

ऊर्जा क्षेत्र में नए शोध कार्यों की जानकारी दी

डमी नीति आयोग की बैठक में पूर्वोत्तर के एक राज्य के मुख्यमंत्री का रोल प्ले कर रहे छात्र ने नीति आयोग की डमी बैठक में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को बढ़ाने को लेकर कई अहम सुझाव दिए। दक्षिण भारत के नए राज्य के मुख्यमंत्री की भूमिका निभाते हुए एक छात्र ने नवीन ऊर्जा और सौर ऊर्जा स्रोतों के विकास से जुड़े मुद्दे उठाए। छात्र ने वैश्विक तपन जैसी चुनौती से निपटने के लिए राज्य द्वारा चलाए जा रहे प्रोजेक्ट्स की जानकारी भी दी। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री का रोल प्ले कर रहे छात्र ने जनसंख्या के आधार पर जरूरतों को देखते हुए विदेशी सरकारों के प्रयास के मुकाबले भारत सरकार के बेहतरीन प्रयासों की जानकारी देते हुए शुगर मिल्स से बायोइथेनॉल के उत्पादन के बारे में बताया। साथ ही आईआईटी और आईआईएससी के छात्रों की ओर से परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में किए जा रहे नए शोध कार्यों की जानकारी दी।

 

कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के प्रयासों को सराहा

कार्यक्रम के दौरान नीति आयोग की काल्पनिक बैठक में छात्रों ने बिजली उत्पादन और पर्यावरण की चुनौतियों पर प्रकाश डाला। दक्षिण भारतीय राज्य के राज्यपाल का रोल प्ले करने वाली छात्रा ने बेंगलुरु में कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को सराहा। वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री की भूमिका में छात्रा ने शिक्षा विभाग की ओर से शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों में शोधार्थियों और छात्रों को नवीकरणीय और हरित ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में नवीन शोध कार्यों को बढ़ावा देने वाली योजनाओं पर प्रकाश डाला।

 

छात्रों ने पॉलिसी डॉक्यूमेंट भी तैयार किया

डमी बैठक में चर्चा के दौरान मध्य भारतीय राज्य के मुख्यमंत्री की भूमिका निभा रहे छात्र ने कहा कि बायोगैस परियोजना बिजली उत्पादन का एक बड़ा और सस्ता माध्यम बन सकता है। राज्य सरकारों को भी इस ओर से ध्यान देने की जरूरत है। बैठक की समाप्ति पर समिति के सदस्यों ने अपना एक पॉलिसी डॉक्यूमेंट भी तैयार किया। इस नीति मसौदे में बैठक के दौरान एक-दूसरे से मिले विभिन्न सुझावों को शामिल किया गया। 

 

विज्ञापन

नेतृत्व कौशल का विकास करना है उद्देश्य

एमिटी इंटरनेशनल मॉडल यूनाइटेड नेशन (AMIMUN'22) के पहले दिन शनिवार, 22 जनवरी को मॉडल संयुक्त राष्ट्र के निकायों के अलग-अलग बैठक सत्रों का आयोजन किया गया था। इसके तहत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग और नीति आयोग आदि की तर्ज पर काल्पनिक बैठकें हुईं। इन बैठकों में छात्रों ने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों और मंत्रियों की भूमिका निभाते हुए प्रासंगिक मुद्दोंपर अपने विचार रखे थे। एमिटी इंटरनेशनल मॉडल यूनाइटेड नेशन (AMIMUN'22) का उद्देश्य विद्यार्थियों को वास्तविकता से अवगत कराना और उनमें नेतृत्व कौशल का विकास करना है, ताकि भविष्य के लिए बेहतरीन लीडर्स तैयार हो सकें। अमर उजाला इस पूरे कार्यक्रम का मीडिया पार्टनर था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें