Amarujala Samvad 2023: अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के चेयरमैन प्रोफेसर टीजी सीताराम ने राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ रही संभावनाओं पर विस्तार से बात की। उन्होंने सरकार और संस्थान की ओर से की जा रही मुहिमों से भी परिचित कराया।
सीताराम ने कहा कि भारत में 1987 के बाद से इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या में बड़ी संख्या देखी गई है। उन्होंने आगे कहा कि जम्मू और कश्मीर के बच्चों के लिए इंजीनियरिंग और टेक्नालॉजी कोर्स के लिए जम्मू में संस्थान खोले जा रहे हैं। वर्कशॉप की जा रही हैं, जिसकी तरफ इंजीनियरिंग और टेक्नालॉजी कोर्स के छात्र आकर्षित हो रहे हैं।
प्रोफेसर सीताराम ने कहा, "हमारा उद्देश्य है कि हम छात्रों को डिजिटली भी सक्षम बनाएं। इसके लिए हम कई तरह के कार्यक्रम चला रहे हैं।" जम्मू कश्मीर के छात्रों को कई आईआईटी संस्थानों में AICTE के माध्यम से इंटर्नशिप का मौका दिया जा रहा है। इसके लिए कई आईआईटी संस्थानों ने पहल शुरू की है।
प्रोफेसर टीजी सीताराम ने कहा कि पीजी प्रोग्राम में हर साल 5000 बच्चे पढ़ते हैं। छात्रों को इंटर्नशिप के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा रहा है और उनके अनुभव को बढ़ाया जा रहा है। आईआईटी में तीन से चार महीने के लिए उन्हें भेजा जाता है। उन्होंने कहा, "हम विश्व में इंजीनियर तैयार करने वाले सबसे बड़े देशों में से एक हैं।"
AICTE चेयरमेन ने कहा कि जम्मू में 20 इंजीनियरिंग कॉलेज, कश्मीर में 22 और लद्दाख में 02 इंजीनियरिंग कॉलेज स्थित हैं। इसके अलावा, जम्मू में 20 इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट डिप्लोमा कॉलेज, कश्मीर में 50 इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट डिप्लोमा कॉलेज हैं, जबकि लद्दाख में दो इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट हैं।