मेडिकल शिक्षा में आई एतिहासिक क्रांति
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में केंद्र सरकार की उपलब्धियों को आंकड़ों के साथ प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में देशभर में 157 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं। वर्ष 2014 में जहां भारत में कुल 387 मेडिकल कॉलेज थे, वहीं आज इनकी संख्या 780 से अधिक हो गई है, यानी 101% की वृद्धि दर्ज की गई है।
मध्य प्रदेश की बात करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में हमारी सरकार के कार्यकाल में 14 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं। यही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि जहां-जहां नए मेडिकल कॉलेज बनाए गए हैं, उसी लोकेशन के पास में नर्सिंग कॉलेज खोलने का भी कार्य तेजी से चल रहा है।
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130% बढ़ाई एमबीबीएस की सीटें
एमबीबीएस सीटों में 130% की वृद्धि पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि 2014 में जहां केवल 51,000 एमबीबीएस सीटें थीं, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 1 लाख 18 हजार से अधिक हो चुकी है। इसी तरह पोस्ट ग्रेजुएट (PG) मेडिकल सीटों में भी अभूतपूर्व बढ़ोतरी की गई है। जहां पहले 31,000 सीटें थीं, अब यह आंकड़ा 76,000 से ज्यादा हो गया है, यानी 138% की वृद्धि।
अनुप्रिया पटेल ने आगे कहा, “हमारी सरकार यहीं नहीं रुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से एलान किया था कि तीसरे कार्यकाल में 75,000 और नई एमबीबीएस व पीजी सीटें जोड़ी जाएंगी। इस दिशा में तेज़ी से काम हो रहा है और सभी राज्य इसमें सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। मध्य प्रदेश में भी आने वाले वर्षों में डॉक्टर्स और विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या में बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा।”
भारतीय राजनीति का जाना-माना चेहरा
अनुप्रिया सिंह पटेल का जन्म 28, अप्रैल 1981 को कानपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था। वे भारतीय राजनीति का जाना-माना चेहरा हैं। उनके पिता स्वर्गीय डॉ. सोने लाल पटेल अपना दल के संस्थापक थे, जिनकी सड़क दुर्घटना में असामयिक मृत्यु हो गई थी। इसके बाद अनुप्रिया सिंह पटेल को अचानक राजनीतिक सफर की ओर मुड़ना पड़ा। वे बेहतरीन वक्ता हैं। वे सदन में हमेशा जोरदार तरीके से अपनी बात रखती हैं। सांसद के तौर पर उन्होंने संसदीय बहसों और चर्चाओं में अपने सार्थक हस्तक्षेप से अपनी छाप छोड़ी है। अनुप्रिया पटेल उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से सांसद हैं।