जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा ने दिल्ली चेप्टर से जुड़े साथियों के लिए अल्यूमिनाई मीट का आयोजन किया। इसमें 2002 से 2016 बैच के छात्र आईईएस, जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर, वाइस प्रेसीडेंट जैसे विभिन्न पदों पर कार्यरत पुराने छात्रों ने कालेज के दिनों को याद किया।
छात्र जीवन की यादें ताजा करते हुए इलेक्ट्रॉनिक एण्ड कम्यूनिकेशन विभाग में 2009 बैच के छात्र रहे आईईएस संचित गर्ग ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आगे कुछ बनने के लिए पहले खुद को तय करना होगा कि आगे करना क्या है और करके बनना क्या है। इसके लिए एक अच्छे संस्थान की आवश्यकता होती है। मैंने भी एक अच्छा संस्थान चुना और अपनी मंजिल हासिल की।
दिल्ली चेप्टर के प्रेसीडेंट आशीष बंसल ने दूसरों की गलतियों से सीखने की बात कही। उन्होंने कहा कि व्यवसायिक बनने के लिए कंसल्टिंग माइंड होने के साथ यह भी पता होना आवश्यक है कि आप क्या करना चाहते हैं।
वाइस प्रेसीडेंट अक्षत गुप्ता ने कहा कि मैंने जो कुछ अपने कालेज से सीखा है उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता है। आज मैं जिस मुकाम पर हूं, इसमें विश्वविद्यालय का योगदान है।
अल्यूमिनाई छात्रों को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के सेक्रेटरी अनंतराम तथा ट्रेजरार आशीष शुक्ला ने विश्वविद्यालय के इतिहास के विषय पर चर्चा करते हुए वार्षिक गतिविधियों से अवगत करवाया और कहा कि लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कोई शॉर्टकट रास्ता नहीं होता हैं। लक्ष्य की प्राप्ति के लिए ईमानदार प्रयास और प्रतिबद्धता जरूरी है। वह प्रतिबद्धता छात्र-छात्राओं को सिखाई जाती है। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गौरव की बात है कि हमारे अल्यूमिनाई कई छात्र देश ही नहीं विदेशों में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहें हैं जो हमारे लिए संतोष का विषय है।
ट्रेनिंग एण्ड प्लेसमेंट विभाग के डीन एवं हैड प्रो. ए.के. वर्मा ने कहा कि इस तरह के मीट के आयोजन से हमें अपने पूर्व के छात्रों से मिलने का मौका मिलता है एवं हमारे वर्तमान छात्रों को प्रेरणा मिलती है। इस मौके पर विकास अग्रवाल, अक्षत गुप्ता, श्रद्धा प्रताप सिंह, संचित गर्ग, अनुज सारस्वत, सिमरनजीत सिंह, रेशु सलूजा सहित मनोज अग्रवाल, अतुल बंसल, विशाल गोयल आदि शिक्षक मौजूद रहे।