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तीन बार से ज्यदा नहीं दे पाऐंगे नीट का एग्जाम ,उम्र पर लगी बंदिश जाने और क्या क्या हुए बदलाव

Thu, 02 Feb 2017 02:58 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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नीट का टेस्ट देने में लगी समय सीमा
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देश के सरकारी, गैर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस में एडमिशन के लिए प्रस्तावित नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) अब तीन बार ही दिया जा सकेगा। यह व्यवस्था शैक्षिक सत्र 2017-18 से ही लागू कर दी गई है। नियम सभी संवर्ग (सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी) के स्टूडेंटों पर लागू होगा। इससे पहले टेस्ट देने की कोई सीमा नहीं थी। पेपर देने की न्यूनतम उम्र 17 और अधिकतम उम्र 25 वर्ष रखी गई है। आरक्षित श्रेणी के स्टूडेंटों को पांच साल की छूट मिलेगी।
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नीट 2017-18 के ऑनलाइन फार्म 31 जनवरी से शुरू होकर एक मार्च तक भरे जा सकेंगे। एग्जाम सात मई को है। इसका ब्योरा वेबसाइट cbseneet.nic.in पर उपलब्ध है। मेडिकल का सिंगल एंट्रेंस टेस्ट सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शैक्षिक सत्र 2016-17 से कराया गया। पहली बार हुए एंट्रेंस टेस्ट में पेपर देने की कोई सीमा नहीं थी। इस बार से शेड्यूल में तीन बार ही पेपर देने की अनिवार्यता लागू कर दी गई। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) और सीबीएसई ने सर्कुलर जारी कर कहा है कि इस व्यवस्था से चिकित्सा शिक्षा और उसके शोध की गुणवत्ता में सुधार होगा। युवा और तेजतर्रार स्टूडेंट सेलेक्ट होंगे। 
सीपीएमटी में नहीं थी समयसीमा, उम्र की बंदिश
नीट का पेपर दूसरी बार कराया जा रहा है। इससे पहले यूपी के सरकारी, गैर सरकारी मेडिकल कॉलेजों की एमबीबीएस और बीडीएस की सीटें कंबाइंड प्री मेडिकल टेस्ट (सीपीएमटी) से भरी जाती थीं। सीपीएमटी में उम्र और पेपर देने की समयसीमा नहीं थी। स्टूडेंट इंटरमीडिएट (12वीं) के बाद बीएससी में एडमिशन लेते थे और मेडिकल प्रवेश परीक्षा की कोचिंग करते रहते थे। अब मेडिकल का सिंगल एंट्रेंस टेस्ट तीन बार दिया जाएगा। पहला मौका इंटरमीडिएट (12वीं) की पढ़ाई के साथ और दो मौके बाद में मिलेंगे।  
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डेबिट, क्रेडिट कार्ड से जमा करें फीस
सामान्य, ओबीसी स्टूडेंटों के आवेदन फार्म भरने की फीस 1400, एससी, एसटी और फिजिकली हैंडीकैप्ड की 750 रुपये है। डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग और ई-वॉलेट से फीस जमा करने की सुविधा दी गई है।

आधार नंबर जरूरी
ऑनलाइन फार्म भरने में आधार नंबर की अनिवार्यता की गई है। कहा गया है कि जिन स्टूडेंटों के पास आधार नंबर नहीं है, वे सीबीएसई के निर्धारित सेंटर से आधार कार्ड बनवाए जा सकते हैं।

पूछे जाएंगे 180 क्वेश्चन
नीट में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (जूलोजी, बॉटनी) के 180 क्वेश्चन पूछे जाएंगे। पेपर सुबह की पाली में 10 बजे से एक बजे तक होगा। 

जेईई मेन में तीन बार का मौका
एनआईटी, ट्रिपल आईटी और जीएफटी के ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मेन का पेपर इंटरमीडिएट की पढ़ाई के साथ और बाद में तीन बार दिया जा सकता है। बीटेक या फिर बीई में एडमिशन के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स का पेपर देना पड़ता है। इसी मानक से मेरिट लिस्ट जारी और काउंसलिंग कराकर सीटें भरी जाती हैं। 

जेईई एडवांस में सिर्फ दो मौके
आईआईटी में एडमिशन के ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) एडवांस के पेपर दो बार दिए जा सकते हैं। एक मौका इंटरमीडिएट (12वीं) की पढ़ाई के साथ मिलता है। दूसरा मौका इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने के बाद। इसके बाद आवेदन फार्म स्वीकार नहीं किए जाते हैं। बीटेक, बीई, बी. आर्किटेक्चर या फिर बी. प्लानिंग में एडमिशन के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स का पेपर देने पड़ते हैं।
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