इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कॉलेज छात्रों को रैगुलर, दूरस्थ और ऑलाइन कोर्स में अब धोखा नहीं दे पाएंगे। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने सभी तकनीकी कॉलेजों से आवेदन पत्र में तीनों माध्यमों के अंतर स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। इसका मकसद है कि छात्रों को दाखिले से पहले कोर्स और विषय की सही जानकारी देना है।
एआईसीटीई के सदस्य सचिव प्रो. राजीव कुमार की ओर से सभी राज्यों और तकनीकी कॉलेजों को इस संबंध में पत्र लिखा गया है। इसमें लिखा है कि शैक्षणिक सत्र 2020-21 में ऑनलाइन आवेदन पत्र में तकनीकी कॉलेज रैगुलर, दूरस्थ ओर ऑनलाइन मोड से पढ़ाई की सही जानकारी दें।
वेबसाइट पर भी कोर्स और विषय के बारे में स्पष्ट लिखा होना चाहिए। छात्र दाखिले से पहले तीनों माध्यमों से पढ़ाई के अंतर और विषय आदि की जानकारी के आधार पर दाखिला लें। यदि कोई संस्थान नियमों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
अक्सर छात्र एआईसीटीई को शिकायत करते हैं कि दाखिले के दौरान उन्हें रैगुलर, दूरस्थ माध्यम से पढ़ाई की जानकारी नहीं दी गई है। इसके अलावा कई कॉलेज विभिन्न डिग्री प्रोग्राम किस विषय को पढ़ाएंगे,इसके बारे में गलत जानकारी देते हैं। इन्हीं शिकायतों के चलते अब नियम में बदलाव किया गया है।