एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रोफेसर टीजी सीताराम ने बताया कि छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों को भी ट्रेनिंग की जरूरत है। छात्रों को भविष्य की जरूरत और रोजगार के तहत शिक्षा देने की जरूरत है। दरअसल, डिजिटल अर्थव्यवस्था के अनुरूप रोजगार की तैयारी होनी चाहिए।
शिक्षा ईको सिस्टम के विकास के साथ शिक्षकों को भी उसी अनुरूप काम करने और भविष्य में रोजगार के अवसर और इंडस्ट्री 4.0 के लिए छात्रों और हितधारकों को उसी माहौल में तैयार करना होगा। ट्रेनिंग में छात्रों का ऑनलाइन करिअर डेवलेपमेंट होगा।
वहीं, एंप्लॉयाबिलिटी लाइफ संस्था के कार्यकारी उपाध्यक्ष राजा दासगुप्ता के मुताबिक, एआईसीटीई के मान्यता प्राप्त सभी संस्थानों और कॉलेजों के छात्रों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 के तहत ट्रेनिंग दी जाएगी।
इसमें छात्रों को माइंडसेट ग्रोथ, इंफ्लुएंस, डिजिटल इंटेलिजेंस, करिअर इंटेलिजेंस और कल्चरल इंटेलिजेंस की जानकारी मिलेगी। इसके अलावा करिअर डेवलपमेंट सेशन, फैकल्टी डेवलपमेंट, और औद्योगिक शिक्षा की जानकारी भी शामिल है।