तकनीकी कोर्स में उभरते क्षेत्रों में सीटों का इजाफा
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीटेक प्रोग्राम में कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक, आईओटी, डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, बीआईएसआई जैसे उभरते डिमांड वाले क्षेत्र और कोर इंजीनियरिंग वाले कोर्स में सीट बढ़ाई गई हैं। इसमें सरकारी और निजी कॉलेजों की डिमांड के आधार पर सीटों को मंजूरी दी गई है, लेकिन कॉलेजों में कटौती की गई है। पिछले साल 13,312 कॉलेज थे। इस बार 12, 891 कॉलेज हैं।
बीटेक और कंप्यूटर एप्लीकेशन कोर्स में सबसे ज्यादा सीटें
इस साल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के बीटेक में 15.92 लाख, एमटेक में 1.27 लाख, डिप्लोमा में 10.5 लाख सीट हैं। कंप्यूटर एप्लीकेशन यानी बीसीए में 4.70 लाख और पीजी में 1.43 लाख सीट हैं। होटल मैनेजमेंट के यूजी में 8814, डिप्लोमा में 1889 व पीजी में 204 सीट हैं। मैनेजमेंट के यूजी 4.43 लाख, पीजी में 4.16 लाख, पीजी डिप्लोमा में 65823, पीजी सर्टिफिकेट में 1740 सीट हैं। डिजाइन के यूजी में 6120, पीजी में 500, डिप्लोमा में 60 सीट हैं। प्लानिंग के यूजी में 565, पीजी में 616 सीट हैं। सबसे अधिक सीटें बीटेक और कंप्यूटर एप्लीकेशन कोर्स में बढ़ाई गई हैं।
नियमों को पूरा न करने वाले 800 कॉलेज बंद
वर्ष 2016 में इंजीनियरिंग कॉलेजों की गुणवत्ता में सुधार कार्यक्रम शुरू हुआ। नियमों को पूरा न करने पर अब तक 800 कॉलेज बंद और लाखों सीटों में कटौती हुई है। इनमें पुराने जमाने के इंजीनियरिंग कोर्स भी थे, जिसमें छात्रों की रूचि नहीं होने से 50 फीसदी से अधिक सीटें खाली रहती थीं। वर्ष 2017 और 2018 में सीटों में कटौती की गई थी।
एक अनुमान के मुताबिक एक से डेढ़ लाख सीट कम हुई थीं। एआईसीटीई ने वर्ष 2018 में बीटेक पाठ्यक्रम में सुधार के लिए कमेटी बनाई। कमेटी ने 2019 से 2024 तक नए इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने और सीट बढ़ाने पर रोक लगा दी। 2023 में कमेटी ने नए इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने और सीट बढ़ाने पर लगाई रोक हटा दी। इसमें बढ़ते मांग वाले कोर्सों में सीट बढ़ाने का काम 2025 से लागू हुआ है।