फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Report: 87% माता-पिता चाहते हैं तकनीक की मदद से हो स्कूलों में पढ़ाई, 57 फीसदी को नामंजूर: शोध

Tue, 08 Oct 2024 07:15 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Technology: सर्वेक्षण से पता चलता है कि 58.33 प्रतिशत माता-पिता एनईपी 2020 के बारे में सकारात्मक जागरूकता रखते हैं, जबकि 41.67 प्रतिशत में जागरूकता की कमी है या वे नकारात्मक विचार रखते हैं। 87 प्रतिशत अभिभावक स्कूलों में तकनीक के एकीकरण का समर्थन करते हैं। 
 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Education And Technology: शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक के इस्तेमाल को लेकर हाल ही में एक सर्वेक्षण किया गया। सर्वेक्षण में पाया गया कि कम से कम 87 प्रतिशत अभिभावक स्कूलों में तकनीक के एकीकरण का समर्थन करते हैं। इनका मानना है कि वे सीखने को बढ़ाने में इसकी क्षमता से परिचित हैं। वहीं, केवल 28 प्रतिशत का मानना है कि शैक्षणिक काम के लिए इनका इस्तेमाल तभी करना चाहिए, जब बहुत ज्यादा जरूरत हो।

विज्ञापन


शिक्षा सेवा प्रदाता K-12 टेक्नो सर्विसेज द्वारा आयोजित "अखिल भारतीय अभिभावक सर्वेक्षण 2024 - भारतीय स्कूली शिक्षा परिदृश्य के प्रति अभिभावकों का दृष्टिकोण और धारणा" के पहले संस्करण में पाया गया कि अधिकांश अभिभावक (94 प्रतिशत) कम उम्र में जीवन कौशल सिखाने के महत्व और बच्चे के समग्र विकास के लिए इसके लाभों को स्वीकार करते हैं।

इस सर्वेक्षण के लिए कई शैक्षिक बोर्डों (ICSE, CBSE, IB, राज्य स्तरीय बोर्ड) के बच्चों के 3,000 से अधिक अभिभावकों से जानकारी एकत्र की गई और उनके रुझानों पर गहनता से विचार किया गया। 
विज्ञापन


सर्वेक्षण रिपोर्ट में कहा गया है, "आशाजनक रूप से 87 प्रतिशत माता-पिता स्कूलों में प्रौद्योगिकी एकीकरण का समर्थन करते हैं, क्योंकि वे सीखने को बढ़ाने में इसकी क्षमता को पहचानते हैं। जबकि 46 प्रतिशत मध्यम उपयोग की अनुमति देते हैं। 28 प्रतिशत अभिभाव इसके केवल सख्त शैक्षिक उपयोग का समर्थन करते हैं। वहीं, 6 प्रतिशत अभिभावक अप्रतिबंधित पहुंच तक हैं।

इसमें कहा गया है, "स्क्रीन समय को संतुलित करने के लिए, अधिकांश माता-पिता (57 प्रतिशत) गैर-स्क्रीन गतिविधियों को प्रोत्साहित करते हैं, जबकि अन्य जोखिम बताते हैं या स्पष्ट सीमाएं निर्धारित करते हैं।"

सर्वेक्षण से पता चलता है कि 58.33 प्रतिशत माता-पिता एनईपी 2020 के बारे में सकारात्मक जागरूकता रखते हैं, जबकि 41.67 प्रतिशत में जागरूकता की कमी है या वे नकारात्मक विचार रखते हैं।

सर्वेक्षण आगे शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम के बारे में पर्याप्त जागरूकता को इंगित करता है, जिसमें 71.24 प्रतिशत माता-पिता इस मौलिक अधिकार से परिचित हैं। हालांकि, 28.76 प्रतिशत माता-पिता अनजान हैं, जो भारतीय शिक्षा में इस महत्वपूर्ण कानून के बारे में शिक्षित करने और सूचित करने पर जोर देते हैं।"

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें