DU Admission इस साल नहीं भरेंगी पूरी सीटें
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कॉलेजों में सभी 70,000 सीटें इस शैक्षणिक वर्ष में नहीं भरी जाएंगी। अंतिम प्रवेश दौर में, विश्वविद्यालय ने लगभग 3,500 सीट आवंटित की हैं। ऑफ कैंपस कॉलेजों में ज्यादातर सीटें खाली हैं। इनमें से ज्यादातर कॉलेज ऐसे भी हैं जो पहले सीटों को भरने के लिए संघर्ष करते रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या प्रवेश शुरू होने में देरी इसके पीछे का कारण है, अधिकारी ने कहा कि इस साल प्रवेश की वापसी कम रही है।
DU Admission स्नातक कार्यक्रमों में प्रवेश का अंतिम दौर
डीयू डीन ऑफ एडमिशन हनीत गांधी ने बताया कि हम 31 दिसंबर तक शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर लेंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या और दौरों की घोषणा की जाएगी, गांधी ने कहा, नहीं, यह स्नातक कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए अंतिम दौर है। इसका मतलब है कि भले ही 3,500 उम्मीदवार आवंटित सीटों को स्वीकार कर लें, लेकिन कॉलेजों में 2,500 सीटें खाली रहेंगी। विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया तीन चरणों में आयोजित की जाती है - आवेदन प्रक्रिया, वरीयता भरना और सीट आवंटन-सह-प्रवेश। इस साल दिल्ली यूनिवर्सिटी 12वीं क्लास के मार्क्स की जगह कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट यानी सीयूसीईटी के जरिए छात्रों का एडमिशन कर रही है।
DU Admission देरी से शुरू हुई थी प्रवेश प्रक्रिया
गांधी ने कहा कि चूंकि प्रवेश प्रक्रिया देर से शुरू हुई, इसलिए केवल वही छात्र जो दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने में रुचि रखते हैं, उन्होंने इसके लिए आवेदन किया। पिछले वर्षों के विपरीत, इस वर्ष कम एग्जिट हुई है। सभी सीटों को भरने के लिए, इस वर्ष काउंसलिंग के पहले दौर में स्नातक पाठ्यक्रमों में अधिकतम सीटों को भरने के लिए अनारक्षित और ओबीसी श्रेणियों के तहत 20 प्रतिशत और अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति वर्ग में 30 प्रतिशत अतिरिक्त छात्रों को प्रवेश दिया गया।