H-Index एक लेखक-स्तरीय मीट्रिक है जो प्रकाशनों की उत्पादकता और उद्धरण प्रभाव को मापता है। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि IISC बेंगलुरु और IIT खड़गपुर सहित छह IIT को सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक-शोधकर्ताओं की संख्या के अनुसार सूची में जादवपुर विश्वविद्यालय से पहले स्थान मिला है। जादवपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सुरंजन दास ने पीटीआई को बताया कि यह बहुत गर्व की बात है कि उनके संस्थान के शिक्षक-वैज्ञानिकों की संख्या सभी भारतीय विश्वविद्यालयों में सबसे अधिक है और यह उनके सहयोगियों द्वारा वैज्ञानिक अनुसंधान में उत्कृष्टता की निरंतर खोज के कारण हुआ।
अपनी अकादमिक उत्कृष्टता को बनाए रखने के लिए जादवपुर विश्वविद्यालय को वित्तीय सहायता के लिए पश्चिम बंगाल सरकार का आभार व्यक्त करते हुए, दास ने कहा, अगर हमारी गतिविधियों का समर्थन करने के लिए धन आवंटन को यथासंभव बढ़ाया जाता है तो हम सराहना करेंगे। उन्होंने कहा, हम यह भी चाहते हैं कि केंद्र जादवपुर विश्वविद्यालय को धन आवंटित करे क्योंकि हमने पर्याप्त बुनियादी ढांचा नहीं होने के बावजूद इस तरह के उच्च मानकों को बनाए रखा है।
जादवपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के महासचिव पार्थ प्रतिम रॉय ने पीटीआई को बताया, यह जादवपुर विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है और केंद्र और राज्य दोनों से वित्तीय मदद कम होने के बावजूद पिछले कई वर्षों में लगातार विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी अनुसंधान में उत्कृष्टता को दर्शाता है। टॉप कोटेड वैज्ञानिकों के डेटाबेस ने 2021 के अंत तक के शोध प्रकाशनों को ध्यान में रखा है और पर्सेंटाइल स्कोर के आधार पर विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों को शामिल किया है। वैज्ञानिकों को 22 क्षेत्रों और 176 उप-क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है। कम से कम पांच पेपर वाले सभी वैज्ञानिकों के लिए फील्ड और सबफील्ड-विशिष्ट पर्सेंटाइल भी प्रदान किए जाते हैं।