विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, यूजीसी (University Grants Commission- UGC) द्वारा जारी संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार, भारत भर के 755 विश्वविद्यालयों में से 366 यूनिवर्सिटीज अगस्त या सितंबर में परीक्षा आयोजित करने की योजना बना रहे हैं। छात्रों और शिक्षकों के विरोध के बावजूद यूजीसी अभी भी परीक्षा आयोजित करने के पक्ष में है। विश्वविद्यालयों को परीक्षा आयोजित करवाने के लिए अपनी पसंद का तरीका चुनने की अनुमति दी गई है। विश्वविद्यालय अपने अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को ऑनलाइन, ऑफलाइन या अन्य मोड में आयोजित कर सकते हैं।
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इससे पहले मानव संसाधन विकास मंत्री (HRD) रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट के माध्यम से परीक्षा के महत्व पर जोर दिया था। पोखरियाल ने कहा था कि किसी भी शिक्षा मॉडल में, मूल्यांकन सबसे जरूरी है। परीक्षा में प्रदर्शन छात्रों को आत्मविश्वास और संतुष्टि देता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि विशेष परीक्षाएं उन छात्रों के लिए आयोजित की जानी चाहिए जो सितंबर तक परीक्षा में शामिल नहीं हो सकते।
- यूजीसी ने जानकारी दी कि 194 विश्वविद्यालयों ने 2019-20 के दौरान पहले से ही अपनी अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आयोजित कर दी थीं।
- वहीं 27 निजी विश्वविद्यालयों की अभी स्थापना हुई है, इसलिए वहां कोई अंतिम वर्ष का छात्र नहीं है।
- कुल 755 विश्वविद्यालयों में से 120 को विश्वविद्यालय माना जाता है, 274 निजी, 40 केंद्रीय विश्वविद्यालय और 321 राज्य विश्वविद्यालय के रूप में देखा जाता है।
- बता दें कि 194 यूनिवर्सिटी ने फाइनल ईयर की परीक्षा करवाकर परिणाम जारी कर चुके हैं या करने वाले हैं।
- 366 विश्वविद्यालय यूजीसी की गाइडलाइन के तहत ऑनलाइन, ऑफलाइन या अन्य मोड से अगस्त या सितंबर में करवाने की तैयारी कर रहे हैं।
- शैक्षणिक सत्र 2019-20 में 27 नए यूनिवर्सियटी को मान्यता मिली थी। इसके तहत 2021 सत्र से नया बैच शुरू होगा।
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