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NEP 2020 : तमिलनाडु के सीएम ने तीन भाषा के प्रावधान को किया खारीज, पीएम मोदी से की पुनर्विचार की अपील

Mon, 03 Aug 2020 03:30 PM IST
ललित फुलारा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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शिक्षा नीति - फोटो : source
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NEP 2020 : तमिलनाडु सरकार ने सोमवार को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में प्रस्तावित केंद्र के तीन भाषा के प्रावधान को खारिज कर दिया। मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीन भाषा की नीति पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने साफ किया है कि सूबे में लागू दो भाषा की नीति पर ही अमल किया जाएगा। सीएम पलानीस्वामी ने नई शिक्षा नीति में प्रस्तावित तीन भाषा के प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि राज्य में कई दशक से दो भाषा की नीति का पालन किया जा रहा है और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।

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'नई शिक्षा नीति में तीन भाषा का फॉर्मूला दुखद'
सूबे के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में तीन भाषा का फॉर्मूला दुखद और पीड़ादाई है। पीएम मोदी को इस पर विचार करना चाहिए और केंद्र सरकार को इस विषय पर राज्यों को अपनी नीति लागू करने देनी चाहिए। उन्होंने साफ कहा है कि तमिलनाडु कभी भी केंद्र की तीन भाषा नीति का पालन नहीं करेगा।
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सूबे में तमिल और अंग्रेजी भाषा नीति ही होगी लागू
मुख्यमंत्री ने सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता के दौरान ये बातें कही हैं। उनका कहना है कि सूबे में तमिल और अंग्रेजी भाषा नीति ही लागू होगी। राज्य अपनी दो भाषा की नीति पर ही कायम रहेगा। गौरतलब है कि नई शिक्षा नीति की जहां एक तरफ तारीफ हो रही हैं, वहीं विपक्ष इसके कुछ बिंदुओं की आलोचना भी कर रहा है। 

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बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP) को मंजूरी दी और मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने घोषणा करते हुए कहा कि सभी उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए एक ही नियामक होगा व एमफिल को खत्म किया जाएगा। उच्च शिक्षा सचिव अमित खरे ने कहा कि डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी मंच (NETF) बनाया जाएगा। ई-पाठ्यक्रम (ई-कोर्सिस) शुरू में आठ क्षेत्रीय भाषाओं में विकसित होंगे और वर्चुअल लैब विकसित की जाएगी।

नई शिक्षा नीति के तहत स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा में कई अहम बदलाव हुए हैं और ये के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में बनी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 1986 में ड्राफ्ट हुई थी और 1992 में इसमें संशोधन (अपडेट) हुआ एवं करीब 34 साल बाद 2020 में इसमें कई अहम व महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।

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