यूजीसी की विशेष समिति ने तालाबंदी खत्म होने के बाद भी विभिन्न विश्वविद्यालयों में 25 फीसदी शिक्षण कार्य ऑनलाइन माध्यमों के जरिए पूर्ण करने की सिफारिश की है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस सिफारिश को स्वीकार भी कर लिया है। ऐसे में कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए चल रहे लॉकडाउन अगर खत्म भी हो जाता है, तो भी देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों में 75 फीसदी पढ़ाई ही क्लासरूम के जरिए होगी, जबकि 25 फीसदी पढ़ाई ऑनलाइन माध्यमों के जरिए कराई जाएगी। यूजीसी की विशेष समिति के अध्यक्ष आर सी कुहाड़ का कहना है कि इस संकट के खत्म होने के बाद भी अब विभिन्न विश्वविद्यालयों में 25 प्रतिशत शिक्षण कार्य ऑनलाइन माध्यमों के जरिए पूर्ण किया जाएगा।
आर सी कुहाड़ हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति हैं। उनका कहना है कि शिक्षा को लेकर इस नई नीति से मानव संसाधन विकास मंत्रालय को अवगत कराया गया है। ऑनलाइन शिक्षा पर आधारित इस नीति के तहत देशभर के विभिन्न कॉलेजों में फिलहाल 75 फीसदी पढ़ाई क्लासरूम में होगी, जबकि पढ़ाई का 25 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन माध्यमों के जरिए पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई स्काइप, और दूसरे एप्स के जरिए होगी। यूजीसी की इस समिति ने कॉलेजों में वायवा ऑनलाइन लेने की सिफारिश भी की है। गौरतलब है कि यूजीसी ने अपनी यह रिपोर्ट कुछ ही वक्त पहले एचआरडी मंत्रालय को सौंपी है जिसमें विश्वविद्यालयों के लिए कई गाइडलाइन जारी की गई हैं।
इस समिति का कहना था कि विश्वविद्यालयों की वार्षिक परीक्षा 50 फीसदी अंकों की होनी चाहिए जबकि अन्य 50 फीसदी अंक पूर्व में आयोजित सेमेस्टर परीक्षा के प्रदर्शन पर आधारित किए जाएं। यूजीसी की समिति का कहना था कि एमफिल और पीएचडी के छात्रों को थीसिस जमा करने के लिए तय आखिरी तारीख से 6 माह और दिए जाएंगे।