स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी से नए नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना से बीएससी नर्सिंग की 15,700 सीटें बढ़ जाएंगी। उन्होंने कहा कि हर नर्सिंग कॉलेज में प्रतिवर्ष बीएससी (नर्सिंग) में 100 सीटों पर दाखिला होगा। कुल 157 नए नर्सिंग कॉलेजों में से सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में 27 कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।
उसके बाद राजस्थान में 23, मध्य प्रदेश में 14 और तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 11-11 कॉलेज खुलेंगे। इसी तरह बिहार में आठ, जम्मू-कश्मीर और ओडिशा में सात-सात, असम, छत्तीसगढ़, गुजरात और झारखंड में पांच-पांच, कर्नाटक और उत्तराखंड में चार-चार, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में तीन-तीन और हरियाणा में एक नर्सिंग कॉलेज खोला जाएगा।
यूपी के इन जिलों में खुलेंगे नर्सिंग कॉलेज
उत्तर प्रदेश के बस्ती, फैजाबाद, फिरोजाबाद, शाहजहांपुर, बहराइच, एटा, हरदोई, प्रतापगढ़, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, (डुमरियागंज) जिले में नर्सिंग कॉलेज खोले जाएंगे। इसके अलावा देवरिया, गाजीपुर, मिर्जापुर, बिजनौर, कुशीनगर, सुल्तानपुर, गोंडा, ललितपुर, लखीमपुर खिरी, चंदौली, बुलंदशहर, सोनभद्र, पिलीभीत, औरैया, कानपुर देहात, कौशांबी और अमेठी जिले भी नए नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। एजेंसी
अद्भुत काम कर रहीं भारतीय नर्सें
सूचना व प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारतीय नर्सें एक छाप छोड़ रही हैं और दुनिया भर में अद्भुत काम कर रही हैं। यह कदम अधिक नर्सिंग पेशेवरों को बनाने में मदद करेगा जो भारतीय और वैश्विक दोनों बाजारों की मांग को पूरा करेगा। मांडविया ने बताया कि ब्रिटेन में भारतीय नर्सों की संख्या 26,000, अमेरिका में 16,000, ऑस्ट्रेलिया में 12,000 और खाड़ी देशों में 20,000 से अधिक हैं।
राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण नीति को भी मंजूरी
कैबिनेट ने राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण नीति को भी मंजूरी दे दी। इसका मकसद घरेलू उत्पादन बढ़ाने और ऐसे उपकरणों के आयात को रोकना है। मांडविया ने कहा भी कि यह चिकित्सा उपकरणों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देगा।
पांच साल का लक्ष्य तय
सरकार ने पिछले साल राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण नीति-2022 के मसौदे पर दृष्टिकोण पत्र जारी किया था। इस नीति से अगले पांच वर्षों में चिकित्सा उपकरण क्षेत्र को 11 अरब डॉलर से बढ़ाकर 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।