महात्मा गांधी के 10 नारे
मोहनदास करमचंद गांधी को राष्ट्रपिता, बापू और महात्मा के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने अहिंसा के मार्ग पर चलकर भारत को अंग्रेजों से आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। गांधी जी एक राजनीतिक नैतिकतावादी, राष्ट्रवादी और वकील थे। आज भी लोग उनके दिए गए अनमोल उनके विचारों का अनुसरण करते हैं। यहां उनके द्वारा दिए गए नौ नारे बताए गए हैं, इनमें से कुछ नारे ऐसे भी हैं जिन्हें शायद बहुत से लोगों ने कभी सुना भी नहीं होगा।
1. करो या मरो। - महात्मा गांधी
2. भारत छोड़ो। - महात्मा गांधी
3. जहां प्रेम है वहां जीवन है। - महात्मा गांधी
4. भगवान का कोई धर्म नहीं है। - महात्मा गांधी
5. जहां पवित्रता है, वहीं निर्भयता है। - महात्मा गांधी
6. किसी की मेहरबानी मांगना, अपनी आजादी बेचना है। - महात्मा गांधी
7. कानों का दुरुपयोग मन को दूषित और अशांत करता है। - महात्मा गांधी
8. दिल की कोई भाषा नहीं होती, दिल-दिल से बात करता है। - महात्मा गांधी
9. मैं मरने के लिए तैयार हूं, पर ऐसी कोई वज़ह नहीं है जिसके लिए मैं मारने को तैयार हूं। - महात्मा गांधी