हिमाचल के जिला कुल्लू में स्थित मनाली अपनी खूबसूरती के लिए दुनिया भर में विख्यात है। ब्यास नदी के किनारे बसी यह पर्यटक नगरी शिमला के बाद हिमाचल में दूसरा ऐसा स्थल है जहां काफी संख्या में सैलानी पहुंचते हैं।
करीब 30 हजार लोगों की आबादी वाला यह छोटा सा शहर अपने इतिहास के लिए भी जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि प्राचीन काल में मनाली से होते हुए लद्दाख और कराकोरम दर्रा से व्यापार होता था।
मनाली का नाम विख्यात ऋषि मनु के नाम पर पड़ा है जिन्होंने यहां काफी समय तक तपस्या की थी। कहा जाता है कि विनाश के बाद मनु ने यहां मानव जाति की शुरुआत की थी। मनाली को देवों की घाटी भी कहा जाता है।
हर साल गिरती है बर्फ
मनाली अपने मौसम के लिए जाना जाता है। यहां की ठंडी और हरी भरी वादियां देश विदेश के सैलानियों को आकर्षित करती है। सर्दियों में यहां भारी हिमपात भी होता है। मनाली घाटी से थोड़ी ही दूरी पर वशिष्ठ स्थल भी है।
यहां गरम पानी के झरने हैं। यह एक तीर्थ स्थल भी है। यहां से रोहतांग की बर्फ की ढकी पहाड़ियां लोगों का मन मोह लेती है। यहां हिडिंबा माता का प्राचीन मंदिर भी है। कहा जाता है कि इस मंदिर में मांगी गई मुरादें हमेशा पूरी होती हैं।
मनाली जाने के लिए हवाई सेवा भी उपलब्ध है। मनाली से करीब 50 किलोमीटर दूर भुंतर हवाई अड्डा है। इसके अलावा मनाली नेशनल हाइवे 21 से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में आप भी मनाली की हरी वादियों, ब्यास नदी और चोटियों पर बर्फबारी को देखने यहां जरूर आइए।