जामिया मिल्लिया इस्लामिया में डॉ. जाकिर हुसैन लाइब्रेरी 87 दिन बाद बुधवार को दोबारा खोल दी गई। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में 15 दिसंबर को प्रदर्शनकारी पुलिस से बचने के लिए लाइब्रेरी में चले गए थेे।
इन्हें पकड़ने के दौरान दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज किया था जिससे लाइब्रेरी में तोड़फोड़ हुई थी। अब विश्वविद्यालय ने लाइब्रेरी को दोबारा ठीक करके बुधवार को छात्रों के लिए खोल दिया।
जामिया प्रशासन के मुताबिक डॉ. जाकिर हुसैन लाइब्रेरी 15 दिसंबर से बंद पड़ी थी। यह जामिया की सबसे बड़ी लाइब्रेरी है। यहां छात्र देर रात तक पढ़ाई करते हैं। छात्रों की दिक्कत को देखते हुए जल्द से जल्द लाइब्रेरी को दोबारा नए तरीके से बनाया गया है। इसके अलावा सीसीटीवी भी लगाये गए हैं।