नई दिल्ली। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद लगातार डूबकर हो रही मौतें रुकने का नाम नहीं ले रही। नदी के आस-पास रहने वाले युवा पानी में अठखेलियां करने लगातार जा रहे हैं। नतीजतन एक महीने में करीब 5 लोगों की नदी में डूबने से मौत हो गई है। पुलिस यमुना के कुछ घाटों पर तो गश्त कर रही है लेकिन जहां पुलिस नहीं है, वहां युवा जान खतरे में डालकर नदी में जाने से बाज नहीं आ रहे।
कश्मीरी गेट के पास यमुना बाजार घाट के पास बुधवार को नाबालिग बेखौफ होकर नदी में छलांग लगाते हुए नजर आये। नदी में छलांग लगाने वाले बच्चों की उम्र करीब 10 से 18 साल के बीच है। यह नाबालिग नदी में छलांग लगाकर कई तरह से स्टंट कर रहे हैं, जबकि पानी का जलस्तर लगातार बढ़ने की प्रशासन चेतावनी दे रहा है।
वहीं दूसरी ओर कालिंदी कुंज घाट और शिव घाट जाने वाले रास्ते को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया है। यहां गणेश उत्सव की वजह से मूर्ति विसर्जन के लिए सैकड़ों युवा पहुंच रहे हैं। पुलिस बढ़े जलस्तर को देखते हुए किसी को भी यमुना के नजदीक जाने नहीं दे रही है। मूर्ति विसर्जन के लिए एक निर्धारित जगह तय की गई है, जहां विसर्जन के बाद लोगों को वापस भेजा जा रहा है।
यह हुए हादसे
3 अगस्त
कोतवाली इलाके में यमुना नदी में नहाने गए दो युवक गहरे पानी में चले गए और डूब गए। डूबने से दोनों की मौत हो गई। उनकी पहचान अजय कश्यप और करण के रूप में हुई थी। दोनों सगे भाई थे।
10 अगस्त
शाहीन बाग इलाके में नदी किनारे गए एक 21 साल के युवक की डूबकर मौत हो गई थी। वह अपने दोस्तों के साथ नदी में मौज मस्ती करने गया था।
14 अगस्त
कालिंदी कुंज इलाके में तीन युवक यमुना में डूब गए थे। उन्हें डूबता हुआ देखकर आस-पास मौजूद लोग घाट किनारे एकत्र हो गए। किसी तरह दो युवकों पानी से बाहर निकाला गया। जबकि ओखला निवासी अमित की गहरे पानी में डूूबने से मौत हो गई।
17 अगस्त
सिग्नेचर ब्रिज के पास यमुना में गोकुलपुरी इलाके से नहाने आए 5 बच्चों में से एक की डूबकर कर मौत हो गई थी। उसके शव को गहरे पानी से तलाशने में गोताखोरों को 24 घंटे लगे थे।