गाजीपुर में छह साल पहले हुए झगड़े का बदला लेने के लिए एक व्यक्ति ने अपने दो बेटों के साथ मिलकर सपेरे की पिटाई कर दी। मारपीट के दौरान पीड़ित लाला रामनाथ (40) गंभीर रूप से जख्मी हो गए। परिजन पहले उनको उपचार के लिए एलबीएस अस्पताल ले गए, जहां से उनको जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां से भी परिजन रामनाथ को सफदरजंग अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान शनिवार रात को रामनाथ ने दम तोड़ दिया।
रविवार को गुस्साए परिजनों ने रामनाथ का शव गाजीपुर थाने के बाहर रखकर प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप था कि मामले में पुलिस ने अभी तक कार्रवाई नहीं की है। पुलिस ने समझाकर परिजनों को वहां से हटाया। अब पुलिस हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से मामले की जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, लाला रामनाथ परिवार के साथ पुराना फरीदाबाद इलाके में रहते था। रामनाथ संन्यासी सपेरे हैं। इनके परिवार के बाकी सदस्य गाजीपुर स्थित सपेरा बस्ती में रहता है। 18 अक्तूबर को वह अपने आधार कार्ड में कुछ अपडेट कराने के लिए बड़े भाई प्यारे सिंह के पास आए हुए थे। रात के समय वह पेपर मार्केट से घर लौट रहे थे। इस बीच रास्ते में उनको कर्मी नामक व्यक्ति मिला।
करीब छह साल पहले कर्मी का रामनाथ से झगड़ा हुआ था। कर्मी ने अपने दो बेटों के साथ रामनाथ को रोक लिया। उसने रामनाथ से कहा कि वह आज उससे अपना पुराना हिसाब किताब चुका लेंगे। ये कहकर आरोपियों ने रामनाथ की लातों-घूंसों से पिटाई शुरू कर दी। इस बीच एक बेटा डंडा ले आया। रामनाथ पर डंडों से भी हमला किया गया। इसके बाद आरोपी फरार हो गए।