रेलवे का निजीकरण के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ रेलवे भवन में विरोध प्रदर्शन करते यूथ कांग्र?
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ट्रेनों के निजीकरण के विरोध में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन
नई दिल्ली। यात्री ट्रेनों के संचालन में निजी क्षेत्र को मंजूरी देने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया। रायसीना रोड स्थित यूथ कांग्रेस मुख्यालय से उन्होंने अर्द्धनग्न होकर मार्च निकाला। हालांकि रेल भवन की तरफ बढ़ते हुए पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। जिन्हें बाद में मंदिर मार्ग थाने ले जाकर छोड़ दिया गया।
रेलवे ने बुधवार को 151 आधुनिक ट्रेनों के 109 अलग-अलग मार्गों पर परिचालन के लिए निजी क्षेत्रों से आवेदन मंगवाए हैं। इसके साथ ही ट्रेनों के परिचालन की प्रक्रिया की औपचारिक तौर पर शुरू हो गई है। यूथ कांग्रेस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि 2014 में तत्कालीन भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद कई सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का निजीकरण करना शुरू कर दिया गया। केंद्र सरकार पर गरीब विरोधी होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि अब भारतीय रेलवे निजीकरण की ओर बढ़ चुकी है। इससे धीरे-धीरे ट्रेनों की सुविधा भी आम आदमी की पहुंच से दूर हो जाएगी। महासचिव हरीश पवार के साथ कई अन्य कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया सह प्रभारी वरुण पांडेय ने कहा कि 2023 तक निजी क्षेत्र की ओर से रेल यात्राएं शुरू कर दी जाएंगी। हालांकि शुरुआत में कुल मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के पांच प्रतिशत की भागीदारी होगी। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके यादव ने साफ कर दिया है कि इन ट्रेनों में टिकट का किराया हवाई किराए के बराबर होगा।