नई दिल्ली। द्वारका सेक्टर 23 थाना इलाके में एक युवक ने भाई से झगड़ा करने वाले को सबक सिखाने के लिए कारतूसों की व्यवस्था कर ली, लेकिन इससे पहले कि वह पिस्टल का इंतजाम कर पाता पुलिस के हत्थे चढ़ गया। जांच में पता चला कि आरोपी पर लूटपाट का एक मामला दर्ज है। पुलिस को उसके पास से अलग अलग बोर के 15 कारतूस मिले हैं।
जिला पुलिस उपायुक्त संतोष कुमार मीणा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान बामनोली गांव निवासी जितेंद्र (27) के रूप में हुई है। गणतंत्र दिवस की सुरक्षा को देखते हुए द्वारका जिले का एंटी स्नेचिंग दस्ता निजी कार में गश्त करता है। इस दौरान पुलिस टीम संदिग्ध लोगों से पूछताछ करती है। एएसआई रणधावा के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारका सेक्टर 23 इलाके में गश्त कर रही थी।
इसी दौरान उन लोगों ने एक युवक को संदिग्ध हालत में आता देखा। पुलिस टीम ने जब युवक को रोकने की कोशिश की तो वह भागने लगा। पीछा कर युवक को पकड़ने के बाद उसकी तलाशी ली। उसके पास से 15 कारतूस मिले। कारतूसों के बारे में पूछने पर उसने बताया कि वह वर्ष 2016 में गुरुग्राम में एक निजी कंपनी में ड्राइवर था। वह किराए के फ्लैट में रहता था। फ्लैट की सफाई के दौरान 9 कारतूस मिले थे।
31 दिसंबर की रात उसे पता चला कि पड़ोसी ने उसके भाई से मारपीट की है। उससे बदला लेने के लिए वह दुर्गापुरी निवासी शक्ति से हथियार लेने गया, लेकिन उसके पास तीन कारतूस ही थे। वहीं मेरठ निवासी मुकेश से भी तीन कारतूस मिले। उसके बाद से वह हथियार की तलाश कर रहा था।