आनंद विहार स्टेशन पर यात्रियों को जल्द ही विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलने लगेंगी। एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित करने के लिए रेलवे इस टर्मिनल के दूसरे फेज का काम नए साल में शुरू करेगा। स्टेशन परिसर में ही रिहायशी सुविधा, थ्री स्टार के साथ बजट होटल, मॉल, कॉमर्शियल के साथ कोचिंग इंस्टीट्यूट एरिया भी विकसित किया जाएगा। ट्रांसपोर्ट हब विकसित होने से कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी और लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा।
कोरोना काल से पहले ही आनंद विहार स्टेशन विकसित करने का पूरा खाका तैयार कर लिया गया था। भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम निजी सहभागिता से इसे पुनर्विकसित करने के लिए नए साल में आमंत्रित प्रस्ताव को अंतिम रूप देगा।
99 साल की लीज पर मिलेगा आशियाना
स्टेशन विकास के साथ ही आनंद विहार स्टेशन पर आशियाना भी बनेगा। खरीदारों को यह आशियाना 99 साल की लीज पर दिया जाएगा। दिल्ली विकास प्राधिकरण की तरफ से मिक्स्ड लैंड यूज की इजाजत दी गई है, ताकि रेसिडेंसियल कांप्लेक्स के साथ ही कॉमर्शियल कांप्लेक्स, मॉल बनाया जा सके। कोचिंग इंस्टीट्यूट के लिए भी जगह देने की योजना है। आनंद विहार स्टेशन के यार्ड की भूमि का इस्तेमाल विकास काम में लाया जाएगा। यहां बहुमंजिला इमारत बनेगी। हालांकि, फिलहाल कितनी मंजिल बनेगी, इसका नक्शा तैयार किया जा रहा है। इसके लिए निजी कंपनियों का चयन होगा।
यहां से पूर्वांचल की ओर जाने वाली ट्रेनें होंगी संचालित
इस स्टेशन से पूर्वांचल की ओर जाने वाली ट्रेनें संचालित की जाएंगीं। टर्मिनल के बनने से नई दिल्ली व पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भीड़ भी कम होगी। रेल अधिकारियों का दावा है कि आने वाले समय में इस स्टेशन पर न सिर्फ यात्रियों के जरूरत की सारी चीजें उपलब्ध होंगी, बल्कि दूर से सभी लोग इसकी खूबसूरती का दीदार कर मंत्रमुग्ध हो जाएंगे। विश्व स्तरीय टर्मिनल है तो यात्रियों को यहां मिलने वाली सुविधाएं भी विश्व स्तरीय होंगी।
ये होंगी खासियत
- आनंद विहार टर्मिनल में प्रवेश और निकास के लिए एक ही रास्ता है। पुनर्विकास योजना के तहत प्रवेश और निकास के अलग-अलग रास्ते बनाए जाएंगे।
- यात्रियों के ठहरने के लिए प्रतीक्षालय के साथ ही तीन सितारा व बजट होटल का भी निर्माण किया जाएगा।
- टर्मिनल के विकास पर करीब 240 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- लागत वसूली के लिए व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति होगी।
- पुनर्विकास काम शुरू होने की तिथि से तीन साल में काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नए साल में आनंद विहार रेलवे स्टेशन पुनर्विकास की राह पर निकल पड़ेगा। इसे जल्द ही विश्वस्तरीय सुविधा से लैस किया जाएगा। संभवत: यह देश का सबसे पहला विश्व स्तरीय स्टेशन होगा, जहां यात्रियों की सुविधा की हर जरूरत की चीजें मौजूद होंगी। ट्रेन, बस, मेट्रो की सुविधा के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, आशियाना, कॉमर्शियल हब भी होंगे।
- दीपक कुमार, सीपीआरओ उत्तर रेलवे