नई दिल्ली। कोरोना काल में पिछले एक साल से घर बैठे पढ़ाई कर रहे तकनीकी कॉलेजों के छात्रों को सरकार ने रोजगार से जोड़ने की पहल की है। किताबी ज्ञान के साथ-साथ रोजगार से जोड़ने के लिए इंटर्नशिप के माध्यम से उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। शुरुआत में 20 हजार छात्रों को वर्चुअल इंटर्नशिप दी जाएगी।
इसके बाद 2025 तक एक करोड़ युवाओं को इससे जोड़ना है। इसमें 35 लाख युवाओं को सरकारी विभागों, 40 लाख को एमएसएमई, 10 लाख र्स्टाटअप में, 15 लाख को मल्टीनेशनल, रिसर्च व एनजीओ में इंटर्नशिप करवाई जाएगी।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के चेयरमैन प्रो. अनिल डी. सहस्रबुद्धे के मुताबिक, इस योजना के माध्यम से किताबी ज्ञान के साथ-साथ कौशल विकास में छात्रों को दक्ष किया जाएगा। इसके माध्यम से युवाओं को रोजगार से जोड़ने के मौके उपलब्ध करना भी होगा। योजना के पहले चरण में 20 हजार से अधिक छात्रों को घर बैठे इंटर्नशिप का मौका मिल रहा है।
इसके लिए एआईसीटीई, सिसको और नैसकॉम मिलकर काम करेंगे। इस ऑनलाइन इंटर्नशिप का छात्रों को लाभ लेने के लिए एआईसीटीई के इंटर्नशिप पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा।
भविष्य की जरूरतों के आधार पर तैयारी
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इंटर्नशिप योजना का मकसद तकनीकी कॉलेजों के छात्रों को डिग्री लेने के साथ भविष्य की जरूरतों के आधार पर तैयार करना है। किताबी ज्ञान से वे विषयों को तो समझ लेते हैं पर इंटर्नशिप में उन्हें प्रैक्टिकल जानकारी मिलेगी।
वर्चुअल ट्रेनिंग के माध्यम से डिजिटल से जोड़ने की पहल
वर्चुअल ट्रेनिंग देने का मकसद युवाओं को सीधे डिजिटल से जोड़ने की पहल है। अभी तक इंटर्नशिप ऑफिस, फैक्टरी आदि में होती थी। अब भविष्य का रोजगार डिजिटल पर चलेगा। इस वर्चुअल इंटर्नशिप से उन्हें ऑनलाइन काम करने का तरीका सीखने का मौका भी मिलेगा। दुनियाभर की अधिकतर बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम को अपना लिया है। इसलिए इसमें काम करना आना जरूरी है।