नई दिल्ली। जेएनयू (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय) का माहौल एक बार उस समय गरमा गया जब लाइब्रेरी खुलवाने को लेकर चल रहा छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। भारी संख्या में छात्र लाठी व डंडों के साथ मंगलवार की रात पहुंच गए। लाइब्रेरी खुलवाने की मांग कर रहे छात्रों ने न केवल सुरक्षाकर्मियों को पीटा, बल्कि जमकर तोड़फोड़ की। जेएनयू प्रशासन की शिकायत पर वसंतकुंज (नार्थ) थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। एफआईआर में पांच छात्रों को नामजद किया गया है। दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जेएनयू प्रशासन की ओर से केपी सिंह की ओर से वसंतकुंज (नार्थ) थाने में दी गई शिकायत में कहा गया है कि उन्हें आठ जून की रात सूचना मिली थी कि करीब 40 छात्र लाइब्रेरी के बाहर एकत्रित हो गए और उसे खोलने की मांग कर रहे थे। वह करीब 15-16 सुरक्षाकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। सुरक्षाकर्मी घेरा बनाकर छात्रों को जाने से रोकने लगे और समझाने का प्रयास किया गया लेकिन वे लाठी-डंडों से गेट तोड़ने की कोशिश करने लगे। छात्रों ने लाइब्रेरी के शीशे का एक हिस्सा तोड़ दिया। इसके बाद छात्रों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। छात्रों ने सुरक्षा गार्डों की पिटाई कर दी।
आरोप है कि छात्र जबरदस्ती लाइब्रेरी में घुस गए और जमकर तोड़फोड़ कर दी। सुरक्षाकर्मियों ने रूपेश, पवन, हर्षिता, सन्नी दयाल और धापू सोनी आदि छात्रों को पकड़ लिया। ये भी आरोप है कि छात्रों ने काफी देर तक लाइब्रेरी को अपने कब्जे में रखा। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। जेएनयू का माहौल बृहस्पतिवार को भी गरमाया हुआ था और परिचय पत्र चेक करने के बाद ही छात्रों को जेएनयू में प्रवेश दिया जा रहा था।
दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी इंगित प्रताप सिंह का कहना है कि कुछ छात्रों के नाम शिकायत में दिए गए हैं। सीसीटीवी फुटेज को जब्त कर लिया है और बाकी आरोपी छात्रों की पहचान की जा रही है। जांच के बाद इस मामले में जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।