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Delhi University Protest: रुचि तिवारी ने कहा- जाति पूछकर 500 लोगों ने मुझ पर हमला किया; दुष्कर्म की धमकी दी

Sat, 14 Feb 2026 03:40 PM IST
राहुल तिवारी एएनआई, नई दिल्ली

सार

Delhi University Protest: दिल्ली यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को यूजीसी के सपोर्ट में हुए प्रोटेस्ट के दौरान हमला झेलने वाली महिला जर्नलिस्ट रुचि तिवारी का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि कहा वीडियो हर जगह है, लोग खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि किसने किसे भड़काया।
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यूजीसी समर्थन प्रदर्शन विवाद में रुचि तिवारी का आया बयान - फोटो : ANI
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विस्तार
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Delhi University Protest: दिल्ली यूनिवर्सिटी में यूजीसी के समर्थन में हुए प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकार रुचि तिवारी पर कथित हमले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब उनका बयान सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कवर करने पहुंचीं तो भीड़ ने नाम और जाति पूछने के बाद उन्हें घेर लिया और मारपीट की। रुचि ने इसे सुनियोजित हमला बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

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दरअसल, बीते दिन यूजीसी के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान नोंकझोंक का मामला सामने आया था। इसे पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं अब इस मामले में रुचि तिवारी ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 'मैं एक जर्नलिस्ट हूं, जो प्रोटेस्ट कवर करने वहां गई थी। मीडिया वालों में से एक ने मेरा ध्यान खींचने के लिए मेरा नाम लिया। मैं उनके पास गई, फिर उन्होंने मेरा पूरा नाम और जाति पूछी। उन्होंने कुछ लोगों को इशारा किया और पूरी भीड़ मेरी तरफ आई और मुझ पर हमला कर दिया।'

रुचि तिवारी ने आगे कहा कि 'यह वीडियो में साफ है। करीब 500 लोगों ने मुझ पर हमला किया। उनके पास बस झूठी बातें और झूठे आरोप हैं। मेरे आस-पास की लड़कियों ने मेरे कानों में दुष्कर्म की धमकी दी, क्योंकि मैं ब्राह्मण हूं।'

रुचि ने कहा कि 'मेरे आस-पास के आदमी कह रहे थे कि वे मुझे सबक सिखाएंगे। लड़कियों ने मुझे हाथ और गर्दन से पकड़ा हुआ था। यह हत्या की कोशिश है। मैं बेहोश हो गई थी लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया...वे यूजीसी के गुंडे थे, वे स्टूडेंट नहीं हो सकते... मुझ पर मेरी जाति की वजह से हमला हुआ। किसी ने मेरा साथ नहीं दिया, सिर्फ़ कुछ लॉ फैकल्टी ने इंसानियत दिखाई और मैं उनकी मदद से और कुछ महिला पुलिसवालों की मदद से बाहर आ पाई। एफआईआर रजिस्टर हो गई है, मुझे कानून पर भरोसा है। यह घटना करीब आधे घंटे तक चली। वहां मॉब लिंचिंग हुई, मैं किसी तरह बच निकलि, यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है।
 
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'उन्हें छात्र कहना, बहुत गलत होगा'
इस पूरे मामले में प्रत्यक्षदर्शी और छात्र आकाश पाठक ने कहा कि उन्हें छात्र कहना, मेरी राय में, बहुत गलत होगा, जिस तरह की अभद्रता उन्होंने दिखाई, जिस तरह वे पत्रकारों को जाति के आधार पर गालियां दे रहे हैं और जिस तरह वे ब्राह्मणवाद के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। जिस तरह उन्होंने एक महिला ब्राह्मण पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार किया और जैसा माहौल उन्होंने बनाया है। मेरी नजर में वे बिल्कुल छात्र नहीं हैं। 



आकाश ने कहा कि 'यूजीसी को लेकर उनकी जो भी मांगें हैं, वे अपनी जगह कर सकते हैं। लेकिन ब्राह्मणवाद के खिलाफ नारे लगाना किसी तरह से गलत है। एफआईआर दर्ज हो चुकी है, लेकिन पुलिस प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। पत्रकारों के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार हर दिन हो रहा है। ब्राह्मणों को निशाना बनाया जा रहा है।'

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